गुरुवार, 29 अक्टूबर 2009

अनोखा होटल

मुकेश के झा


पर्सियन गल्फ में पानी के अंदर बन रहा होटल वास्तव में किसी अजूबा से कम नहीं है। यह होटल आधुनिक सुख-सुविधाओं से भरपूर होगा। यह अनोखा होटल जल की दुनिया को एक नये रूप में परिभाषित करने के लिये अगले साल तक बनकर तैयार हो जाएगा।

विज्ञान दिन प्रति दिन उन्नति की शिखर पर पहुंच रहा है। आज तकनीक इतना विकसित हो चुका है कि लोग चन्द्रमा पर रहने की बात कर रहे हैं, कुछ कंपनियां तो अभी से ही यहां की धरती को लेकर डिलींग भी शुरु कर चुकी है। अब तो जल,थल और नभ तीनों में ही आशियाना बन रहा है। इसी कॉन्सेप्ट के फेहरिस्त में शुमार हो रहा है, दुबई का एक होटल। यह कोई साधारण होटल नहीं है।

इसका निर्माण पानी के अंदर किया जा रहा है। यह करीब 260 हेक्टेयर में फैला हुआ होगा। इसका आकार- प्रकार लंदन स्थित हाइड पार्क जैसा हो सकता है। यह पर्सियन गल्फ के सतह से 66 फीट नीचे होगा। इसका निर्माण दुबई के प्रसिद्ध समुद्री किनारा जुमेरिया के पास किया जा रहा है। इस होटल को कंक्रीट और स्टील मजबूती प्रदान कर रहा है। प्लैक्सीगल्स दीवार और डबल आकार का बना समुद्र में तैरता गुबंद के आकार का इस होटल से आप चाहें तो समुद्र की दुनिया को एक नये अंदाज में देख सकते हैं।

पूरे होटल को तीन भागों में बांटा जाएगा। पहला भाग में लैंड स्टेशन होगा, जहां आने वाले अतिथियों के स्वागत के लिये बेहतर व्यवस्था होगी। यहां पर बने ट्यूनल के पास आने के लिये आपको ट्रेन का सहारा लेना होगा और यह होटल का मुख्य भाग भी होगा। इस होटल के अंदर 220 आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस कॉम्पलैक्स भी होंगे। इस होटल के निर्माण में करीब तीन सौ मिलियन डॉलर लागत आएगी। यह अनोखा होटल 10 स्टार लेवल का होगा।

इस प्रोजेक्ट को क्रीसेन्ट हाइड्रोपोलिस होल्डिंग नामक कंपनी बना रही है। होटल का डिज़ायन प्रोफेसर रोलैंड डाईटर्ली ने तैयार किया है। इस होटल के शुभारम्भ को लेकर कई बार ऊहापोह की स्थिति रही लेकिन अब इसे अगले साल खोल दिया जाएगा। यह स्थान दुनिया के कुछ महत्वपूर्ण स्थानों में से आता है, जहां इस प्रकार के सपनों को साकार किया जा रहा है। जहां इस अनोखे होटल का निर्माण किया जा रहा है, वह स्थान दुबई के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतुम का है। इस होटल का निर्माण किसी काल्पनिक दुनिया जैसा ही है, जिसे विज्ञान की तरक्की ने एक अनोखा और सुन्दर रूप दे दिया है। इसके निर्माण कार्य को लेकर काम जोरों से चल रहा है और इसमें करीब 150 बिल्डिरर्स फर्म अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

इस प्रोजेक्ट को लेकर दुनिया की प्रसिद्ध बिल्डर कंपनिया कम जोर-आजमाइश नहीं की थी, लेकिन इसे धरातल पर लाना इतना आसान नहीं था। इस होटल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे क्रीसेन्ट हाइड्रोपोलिस होल्डिंग्स  के प्रमुख हौसेर का कहना है कि इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा थी, किस प्रकार से पानी के अंदर एक आकर्षक बिल्डिंग  का निर्माण किया जाय जो पानी की दुनिया में अपनी अलग ही पहचान रखे। इसके लिये इनकी कंपनी ने तकनीकी का भरपूर इस्तेमाल किया,तब कहीं जाकर इस सपने को साकार किया जा सका। इस प्रोजेक्ट को लेकर कुछ लोगों का कहना था कि पानी के अंदर इसे बनाना लगभग असंभव ही है, लेकिन आप देख रहें हैं कि कैसे इसका काम तेजी से चल रहा है।


इस होटल का डिज़ायन सचमुच आदमी के मनोवैज्ञानिक सोच और वास्तुकला का अनोखा संगम है। इसे बनाते समय ज्यामितीय गणित के आधार पर एक वृत के चारों ओर आठ ऐसे स्थान बनाने थे, जो होटल के रेस्तरां, बार, मीटिंग रूम और थीम से लैस घर आदि के लिये स्पेस बना सके। इनके इस निर्माण की तुलना मानव शरीर के महत्वपूर्ण भाग से आप कर सकते हैं। इस होटल का बॉल रूम नर्व सेंटर के रूप में है जो होटलों के अन्य भागों को अलग-अलग तरीके से जोड़कर रखता है। सचमुच इस होटल का निर्माण मानव समाज की उन्नति की अलग प्रकार का गाथा लिख रहा है।

2 टिप्पणियाँ:

  1. बहुत आभार इस होटल के बारे में विस्तार से जानकारी देने के लिए.

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  2. bahut hi behatrin jankari di aapne,aaj to aapke liye lucky day hai mukesh jha ji,aaj amar ujala me aapki charch hui aur aaj hi mere blog dwra aapko "blog of the month bhi diya gaya".yah dekhen-Winner-2009(Blog of the month)..

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