जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी

जय हिन्द

सोमवार, 14 नवम्बर 2011

दुनिया के महंगे घर


दलती दुनिया में सब कुछ बदल रहा है। घर में रहने का स्टाइल और बनबाने के स्टाइल में काफी परिवर्तन आ गया है। यह कुल मिलाकर हैसियत या स्टेटस सिम्बोल का प्रतीक बन चुका है। कुछ घर तो महलों को भी अपनी राजसी ठाट-बाट में मात देते नज़र आते हैं। इसके साज-सज्जा और रंग-रोगन पर आर्थिक स्थिति का स्पष्ट प्रभाव दिखता है। यहां पर हम आपको विश्व के इन घरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दुनिया के  सबसे  महंगे घरों  की लिस्ट में शुमार किया जाता है।

Antilla, Mumbai
 मुकेश अम्बानी का Antila (Antilla, Mumbai )- यह घर वरियता क्रम में नंबर वन पर है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसे बनाने में करीब 2 बिलियन डॉलर की लागत आई है।Antilla को The World First   बिलियन डॉलर होम की संज्ञा दी जा रही है। यह घर जहां भारतीय परम्परागत सिस्टमों से लैस है, वहीं अत्याधुनिकता के हिसाब से ग्लोबल रंग में रंगा नज़र आ रहा है।  यह बिल्डिंग 27 मंजि़ल की है और 40 हज़ार स्क्वेयर फीट के क्षेत्र में विस्तृत है। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया का 5 वां सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अम्बानी अपनी पत्नी नीता अम्बानी और तीन बच्चों के साथ इस खूबसूरत बिल्डिंग की 22 वीं मंजि़ल पर रहती हैं। बिल्डिंग सभी अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है। इसमें 6 मंजिल की कार पार्किंग की सुविधा है। डल्लास और लॉस एंजल्स स्थित विश्व प्रसिद्ध आर्किटेक्चर फर्म पर्किसन व विल एंड  हर्ष बेडनेर के परामर्श के बाद Antilla का डिज़ाइन तैयार किया गया है। घर में कोई फर्श एक जैसा नहीं है। इसका प्रत्येक फ्लोर लेआउट, मैटेरियल और डिज़ाइन के मामले में एक-दूसरे अलग है। ऊपर की पार्किंग में काफी स्पेस है और इसके लॉबी में 9 लिफ्ट लगे हुए हैं। अंतिल्ला में बॉलरूम सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला है। यहां की राजसी भव्यता और सुन्दरता देखते ही बनता है। इसकी छतों की करीब 80 प्रतिशत भागों में मनमोहक क्रिस्टल झालड़ लगे हैं, जो अपनी छटा से सुन्दरता का बेहतर मिसाल प्रस्तुत करता है।  बॉलरूम के साथ चांदी के मेहराव से बनी सीढिय़ां है, जो इसके केन्द्रिय भाग में किनारे की ओर से लगा है। इसके पीछे दो सुन्दर नक्काशी किए गए दरवाजे हैं, जो अपनी सुन्दरता की बेमिशाल कहानी कहती है। इस रूम में इंटरटेनमेंट के साधन, प्रोजेक्ट को लेकर विचार-विमर्श का स्थान और प्रोजेक्ट के गहन रूप को दर्शाने के लिए प्रोजेक्टर भी लगाए गए हैं।Antilla का प्रत्येक फ्लोर इसके औसत ऊंचाई से दुगुनी है। 


 Villa Leopolda, French Riviera
 
 विला लिओपॉल्डा, फ्रेंच रिवीयेरा  (Villa Leopolda, French Riviera) - इस प्रसिद्ध विला का निर्माण वर्ष 1902 में बेल्जियम के राजा लिओपॉल्ड द्वितीय ने करवाया था। कालान्तर में इस प्रसिद्ध विला को लेबनान के बैंकर एडमंड सफ्रा  ने खरीद लिया। वर्तमान में उनकी पत्नी लिली इस विला की मालकिन हैं। यह करीब 80 हज़ार स्क्वेयर फीट में अपनी राजसी भव्यता लिए विस्तृत है। यह सुन्दर एंटिक वस्तुएं से सुसज्जित एक ऐसा स्थान है, जहां की भव्यता निराली है। विला में 19 बड़े-बड़े सुन्दर व सुसज्जित बेडरूम्स हैं। विला लिओपॉल्डा कोर्टस, bowling alley, मल्टीपल किचिन, डायनिंग रूम्स और मूवी थियेटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।  इसमें कई स्वीमिंग पूल और राजसी ठाट-बाट से लैस गाडर्न हैं, जो इसकी भव्यता और सुन्दरता की कहानी खुद बयां करती है।  इसकी कीमत 506 मिलियन डॉलर आंकी गई है।



The Penthouse, London
  द पेंटहाउस लंदन ( The Penthouse, London )- यह लंदन के प्रसिद्ध पॉश स्थानों में से एक है। वन हाइड पार्क के पास स्थित इस पेंट हाउस में 82 अपार्टमेंट्स है। यह दुनिया का सबसे महंगा फ्लैट के श्रेणी में आता है। इस फ्लैट की कीमत 4 लाख 34 हज़ार रुपये स्क्वेयर फीट की दर से है। इसमें  राजसी भव्यता लिए हुए रूम, बूलेटप्रूफ विंडो, आइरिस स्कैनर और गुप्त सुरंग भी है, जोनज़दीक के मंदरीन होटल तक जाती है। इसमें आधुनिक सुख-सुविधा से लैस स्पा, स्क्वैश कोर्ट और वाइन टेस्टिंग रूम्स के साथ-साथ 24 घंटे रूम सर्विस उपलब्ध है। इस पेंट हाउस की कीमत 200 मिलियन डॉलर है। 

 Fairfield Pond, The Hamptons
 
 फेयरफील्ड पॉन्ड , द हैम्पटन्स (Fairfield Pond, The Hamptons )- यह प्रसिद्ध घर 63 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस घर के मालिक अमेरिका के जाने-माने  उद्योगपति इरा रेणनर्ट हैं। घर का रेसीडेंशियल कम्पाउंड पूरे अमेरिका में सबसे बड़ा है। इस घर में  29 बेडरूम्स, 39 बाथरूम्स,करीब 91 फीट लंबा डाइनिंग रूम हैं। यह 5 स्र्पोट्स कोर्टस, एक bowling alley और हॉट टब जैसी सुविधाओं से लैस है। इसकी कीमत करीब 170 मिलियन डॉलर आंकी गई है। 
   
Hearst Mansion, Beverly Hills
  Hearst  मैनसन, बेवर्ली हिल्स (Hearst Mansion, Beverly Hills )-यह अमेरिका के कैलीफोर्निया राज्य के लास एंजेल्स में स्थित है। इस महल के मालिक प्रसिद्ध प्रकाशक विलियम रैनडॉल्फ हस्र्ट हैं। इस घर में 29 बेडरूम्स और तीन स्वीमिंग पूल हैं। इस महल में डिस्को थैप और मूवी थियेटर की सुविधा भी है। हॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म गॉड फॉदर का फिल्मांकन इसी महल रूपी घर में किया गया था। कहा जाता है कि अमेरिका के पूर्व राष्टï्रपति जॉन एफ कैनेडी अपने हनीमून के समय यहीं रूके थे।  राजसी ठाट-बाट से लैस इस महल की कीमत 165 मिलियन डॉलर है।     
 

        Franchuk Villa, Kensington
फ्रांचुक विला, केनसिंगटन (Franchuk Villa, Kensington )- यह विक्टोरियन विला है। फ्रांचुक विला वर्ष 1997 तक गल्र्स स्कूल के रूप में था। इसे वर्ष 2006 में डेवलपर्स ने 10 मिलियन डॉलर में यूक्रेन के प्रसिद्ध जन हितैषी एलेना फ्रांचुक से खरीदा था। एलेना एड्स जागरूकता अभियान की प्रसिद्ध समाज सेवी कार्यकर्ता हैं। यह घर पांच मंजि़ल की है। इसमें 10 बेडरूम्स, अंडर ग्राउंड स्वीमिंग पूल, मूवी थियेटर,  बाथ सॉना और जिम जैसी सुविधाएं हैं। वर्तमान में इस विला की कीमत 161 मिलियन डॉलर है।                                 

  The Pinnacle, Montana
 द पिनकल मोंटाना (  The Pinnacle, Montana )- विलासिता से सुसज्जित यह घर प्राइवेट स्की और गोल्फ कम्यूनिटी येलो स्टोन क्लब का है।  यह घर जाने-माने अमेरिकन अरबपति टिम और एड्रा ब्लिक्स्सेथ के द्वारा स्वामित्व में है। इसमें 10 बेडरूम्स, पूरा घर बेहतर गर्म फ्लोरिंग और ऊष्मा से भरपूर ड्राइव-वे, प्रत्येक बाथरूम्स में फायर प्लेस, वाइन  प्लेस, इंडोर/ आउटडोर पूल, जिम और मैसेज रूम जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसकी कीमत 155 मिलियन डॉलर है। 

 The Manor, Los Angeles
द मैनर  (The Manor, Los Angeles))-यह  हवेली अमेरिकन फिल्म और टेलीविज़न क्षेत्र के प्रसिद्ध प्रोड्यूसर एरोन स्पेलिंग का है। इसका निर्माण वर्ष 1991 में किया गया था। द मैनर  56,000 स्क्वेयर फीट में विस्तृत है। इसमें 123 रूम्स हैं। द मैनर में इंडोर स्केटिंग मैदान, मल्टीपल पूल, तीन बड़े किचिन, स्र्पोट्स क्लब, प्राइवेट बगीचा और  bowling alley जैसी सुविधाएं हैं। इसके अलावे यहां पर डॉल म्यूजि़यम, रैप प्रेज़ेन्ट्स रूम भी है, जो आधुनिकता और भव्यता की कहानी बयां करती है, वह भी अंदाज़ में। इस राजसी हवेली की कीमत 150 मिलियन डॉलर आंकी गई है।
 Updown Court, Windlesham, Surrey

अप-डाउन कोर्ट, विंडलेशम, सरे ( Updown Court, Windlesham, Surrey )- यह स्थान दक्षिणी-पूर्वी इंग्लैंड के सरे जिले में स्थित है। यह हवेली 40,000 स्क्वेयर फीट क्षेत्र में फैली हुई है। अप-डाउन कोर्ट बकिंघम पैलेस से भी बड़ा है। इसमें 103 रूम्स हैं। इंग्लैंड में 19 वीं शताब्दी के बाद यह सबसे महत्वपूर्ण निजी आवास के तौर पर जाना जाता है। इसके बारे में कहा जाता है कि दुबई के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन रशीद अल मखतूम मालिक हैं। इसमें ड्ढश2द्यद्बठ्ठद्द ड्डद्यद्यद्ग4, स्क्वैश कोर्ट,मूवी थियेटर, पांच स्वीमिंग पूल, संगमरमर से सुसज्जित ड्राइविंग-वे  और भव्यता लिए हुए सीढिय़ां यहां की सुन्दरता और मन मोहक रूप के बारे में काफी कुछ बायां कर देता है। अप-डाउन कोर्ट के 22 बेडरूम्स और 27 बाथरूम्स में 24 कैरेट सोने के लीफ  मौजेक फ्लोर इसकी राजसी ठाट-बाट में चार चांद लगा देता है। इस प्रसिद्ध हवेली की कीमत करीब 139 मिलियन डॉलर आंकी जाती है। 

 
Hala Ranch Aspen, Colorado 
हाला रेंच आस्पन, कॉलराडो (Hala Ranch Aspen, Colorado )- इस प्रसिद्ध बिल्डिंग के मुख्य हाउस का डिज़ाइन आर्किटेक्चरल फर्म हैग्मन यॉ ने तैयार किया था। इसका निर्माण हैन्सेन कन्स्ट्रक्शन ऑफ आस्पन ने किया। इसके बारे में कहा जाता है कि प्रिंस बिन सुल्तान बिन अब्दुलाज़ीज के स्वामित्व में यह बिल्डिंग है। यह अमेरिका में सउदी अरब के राजदूत भी रहे हैं। इसमें कई और छोटी-छोटी बिल्डिंग्स भी हैं। यह टेनिस कोर्ट और इंडोर स्वीमिंग पूल जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। हाला रेंच आस्पन की कीमत करीब 135 मिलियन डॉलर आंकी गई है। 


  
L N Mittal's  house
लक्ष्मी मित्तल का द केनसिंगटन पैलेस गार्डन्स हाउस (L N Mittal's The Kensington Palace Gardens house )- इस प्रसिद्ध घर को स्टील किंग और आर्सेलर मित्तल के चेयर मैन और प्रमुख कार्यकारी अधिकारी लक्ष्मी नारायण मित्तल ने वर्ष 2004 में खरीदा था। यह लंदन के प्रतिष्ठिïत केनसिंगटन पैलेस गार्डन्स के पास स्थित है। इसमें 12 बेडरूम्स और 20 कारों की गैरेज के लिए स्थान है। इसे फॉर्मूला वन रेसिंग बॉस बर्नी एक्ल्सटोन बर्नी तीन साल पहले अपनी पत्नी के लिए खरीदा था, उसने मित्तल के हाथों बेच दिया । द केनसिंगटन पैलेस गार्डन्स में बु्रनई के सुल्तान का निवास स्थल है। इसी स्थान के नज़दीक राज कुमारी डायना रहती थी। इस घर की कीमत करीब 128.25 मिलियन डॉलर आंकी गई है।

दुनिया का टॉप टेन खर्चीला होटल

होटल की दुनिया पर बदलते आर्थिक रंग ने रंग जमाना शुरू कर दिया है।  इसके रूप और रंग पर ग्लोबल प्रभाव स्पष्ट दिखने लगा है। होटल के नाम और दाम दोनों ही वक्त की रफ्तार में है। स्टेट्स का प्रतीक बन चुका नामी-गिरामी होटल मार्केट में आपकी और संस्थान की हैसियत को काफी हद तक दर्शा देता है। कॉरपोरेट सेक्टर को एक नयी ऊंचाई देने में यह अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। आज कोई महत्वपूर्ण इवेंट हो या मैनजेमेंट होटल अपना जलवा बिखेर रहा है। इस जलवे के जलसे में वहीं शामिल हो पाते हैं, जो आर्थिक रूप से काफी मज़बूत हैं। यहां पर हम जिन टॉप टेन होटलों का जिक्र करने जा रहे हैं, वहां पर एक रात ठहरने के लिए इतना पैसा खर्च करना होता है कि आप सुनकर दांतो तले अंगुली दबा लेंगे। आखिर इन होटलों में ऐसी क्या खास बात है, जो ऊंचे ओहदे पर पहुंचे लोगों की पूरी साल की सैलरी भी कम पड़ जाएं।  इन खास होटलों की दुनिया के बारे में बता रहे हैं हम ।


रॉयल पेंटहाउस सूइट, प्रेसीडेंट विल्सन होटल, जेनेवा , 53,000 डॉलर
इस खूबसूरत होटल से  जेनेवा के झील की खूबसूरती के नयनाभिराम दृश्य का आनंद ले सकते हैं। होटल के बूलेट पू्रफ खिड़की से  मोंट ब्लैंक पर्वत, जो सफेद बर्फ की चादर से ढकी रूमानियमत का एक खूबसूरत नज़ारा पेश करता है, उसे देखकर मन को तारोताजा रख सकते हैं। होटल में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंडोर सूट जो संगमरमर फ्लोर की खूबसूरती का बिहंगम दृश्य उपस्थित करता है, वहां पर आप अपने रूम से निजी लिफ्ट से पहुंच सकते हैं। यहां पर पहुंच कर आप निजी कॉकटेल लाउन्ज में अपने को तारोताजा करके मुड रिफ्रेस करने की सुविधा आपको एक अलग ही आनंद प्रदान कर सकती  है। लेकिन ये सारी सुविधाओं के लिए आपको एक दिन होटल में ठहरने के लिए 53,000 डॉलर देना होगा। यहां पर आपको चार बेडरूम और छह बाथरूम का एक भव्य कमरा मिलेगा। 

Hugh Hefner Sky Villa, पाम्स कैसिनो रिजौर्ट, लास वेगास , 40,000 डॉलर 
 यह होटल खास है। यहां पर सम्पन्न प्लेबॉय प्रशंसकों के लिए विशेष रूम है। यह सूइट 2 मंजि़ल की है और करीब 9 हज़ार स्क्वेयर फीट के क्षेत्र में विस्तृत है। Hugh हेफ्नर में रोटेटड स्प्रिंग बेड विथ मिरर , शीशे से पूरी तरह सुसज्जित लिफ्ट, फायर प्लेस, स्पा, जिम, पॉकेट टेबल, प्लाज्मा टीवी और रूम 24x7सर्विस जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती है। हां, एक बात आप ज़रूर याद रखें कि यहां पर कैसिनों भी है, जो आपको एक अलग मुड बना सकता है। यहां पर ठहरने के लिए आपको अपनी जेब से 40,000 डॉलर खर्च करने होंगे। 
 

टी वार्नर पेंटहाउस, फोर सीज़न्स, न्यूयॉर्क, अमेरिका, 34,000 डॉलर 
इस होटल को अमेरिका के प्रसिद्ध होटलों में शुमार किया जाता है। अगर आप न्यूयॉर्क के होटल फोर सीज़न्स में सिर्फ एक रात ठहरते हैं, तो इसके लिए करीब (सोलह लाख) 16,22,372.51 रुपये चुकाने होंगे। यह रकम सिर्फ एक कमरे में ठहरने के लिए देनी पड़ती है। यह जगह दुनिया के प्रमुख लग्जरियस स्थानों में एक है। यह पेंटहाउस करीब 50 मिलियन डॉलर की लागत से बना है। यह सूइट न्यूयॉर्क शहर के सबसे ऊंची होटल बिल्डिंग 'फोर सीज़न्स होटल' के 52 वें फ्लोर पर है। इस पेंटहाउस को प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आई. एम. पी, पीटर मैरिनो और होटल के मालिक टी वार्नर ने डिजाइन किया है। इस पेंटहाउस सूइट में 9 रूम हैं। पेंटहाउस 4200 स्क्वेयर फुट क्षेत्र में फैला हुआ है। दीवारों को मोतियों, सोने और प्लेटिनम जैसे मूल्यवान धातुओं से अलंकृत किया गया है। खासकर, प्लेटिनम फ्रेब्रिक्स की सहायता से की गई डिज़ाइनिंग सुन्दरता की मिसाल गढ़ रही  है।

  ब्रिज सूइट  अटलांटिस, पैराडाइस आइलैंड, बहमास, 25,000 डॉलर
यह बहमास की खूबसूरती का बेहतर नज़ारा प्रस्तुत करता है। प्राकृतिक सौन्दर्य से लवरेज पैराडाइस आइलैंड पर स्थित यह होटल आप में जोश व स्फूर्ति का संचार कर सकता है। प्राकृतिक रूप और रंग की इस मनोहारी दुनिया से जुड़कर आप अपने को एक नये ऊर्जा और उत्साह से भरपूर पाएंगे। इस सूइट कम्पाउंड में 10 रूम हैं। पैराडाइस में ब्रिज नाम से दो बिल्डिंग बनी है। इस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सूइट में 20 आगन्तुक रह सकते हैं। इस स्थान की लोकप्रियता का अनुमान आप इसी से लगा सकते हैं कि प्रसिद्ध पॉप गायक माइकल जैक्सन अपनी छुट्टी  यहीं बिताने आते थे। यहां पर आपको रहने के लिए एक दिन का 25,000 डॉलर लगेंगे। 

  द पेंटहाउस सूइट,द मार्टिनेज़ होटल, कैन्स, फ्रांस, 18,500 डॉलर
यह फ्रांस का सबसे बेहतरीन होटलों में शुमार किया जाता है। कैन्स के निवासी मार्टिनेज़ होटल की विलासिता, भव्यता, अत्याधुनिक सुविधा और महंगाई से वाकिफ हैं। यह होटल पेंट हाउस सूइट होने के कारण इतना महंगा है। यहां पर होटल के अन्य रूम को व्हइट और ब्राइट कलर से रंगा गया है, जबकि पेंट हाउस सूइट को क्रीम और ब्राउन रंग से रंगा गया है। पेंट हाउस सूइट की खिड़कियों को बेहतरीन और खूबसूरत डिज़ाइन में उम्दा रूप दिया गया है। खिड़कियों पर लगे रेशम के पर्दे इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है। इसका इंटीरियर डिज़ाइन देखते ही बनता है। इसके लकड़ी के बने फ्लोर पर उम्दा कसीदकारी आपको हतप्रभ कर सकता है। यह सुन्दरता की अलग मिसाल गढ़ती है। 

 रिट्ज़ कार्लटन, सूइट, मॉस्को, रूस, 18,200 डॉलर
 यह भी विश्व के नामी-गिरामी सूइट से मिलता जुलता है।  रिट्ज़ कार्लटन सूइट की खिड़की से मास्को का ऐतिहासिक प्लेस द मास्को क्रेम्लिन का अद्भुत नज़ारा देख सकते हैं। यहां से आप सेंट बेसिल कैथेड्रल, क्राइस्ट द सविओर कैथेड्रल और रेड स्क्वेयर का विहंगम दृश्य का आनंद उठा सकते है। रेड स्क्वेयर रूस के राष्टपति का निवास स्थान है। यहां के फर्नीचर क्लासिक रसियन स्टाइल में सुन्दरता का उम्दा नमूना प्रस्तुत करता है। रूम के इंटीरियर भाग सुन्दर व सुसज्ज्ति रूप में फैला हुआ है। सूइट में आपको लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल, ऑफिस और मीटिंग रूम जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई है। यह स्थान भव्यता और विलासिता का अनोखा रूप लिए हुए है। यहां पर आप जब तक ठहरें, पिनायों की धुन पर संगीत के कई रूपहले रूपों को सजा कर आप आनंद विभोर हो सकते हैं। रिट्ज़ कार्लटन सूइट सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है, जो आपके सुकून के पल को आनंदमय बना सकता है। यहां पर एक दिन ठहरने के लिए आपको 18,200 डॉलर देनें होंगे। 


. रॉयल सूइट, बुर्ज अल-अरब, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात 18,000 डॉलर
दुनिया के प्रसिद्ध और महंगे होटलों में शुमार दुबई के बुर्ज अल अरब में स्थित रॉयल सूइट राजसी ठाट-बाट लिए एक ऐसा स्थान है, जहां पहुंच कर आप स्वर्ग मानिद अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। सूइट का क्लासिकल रूम, महोगनी की लकड़ी से कसीदाकारी की गई फर्नीशिंग, रोटेटिंग बेड, संगमरमरी फ्लोर यहां की सुन्दरता की कहानी खुद बयां करती है। यहां पर आपको प्राइवेट सिनेमा हॉल और प्राइवेट लिफ्ट जैसी सुविधा भी मिलेगी। यदि आप दुबई की खूबसूरती का नज़ारा देखना चाहते हैं तो आपको कुछ और रूपये खर्च करने होंगे। यहां पर आप रॉल रॉयसी कार या हेलिकॉप्टर से दुबई की खूबसूरत जाहां को  निहार सकते हैं। 
  रॉयल आर्मलेडर सूइट, ले रिचमोंड, जेनेवा, स्विटजरलैंड, 17,500 डॉलर
रॉयल आर्मलेडर सूइट ले रिचमोंड होटल के 7 वें फ्लोर पर है। यह होटल करीब 3 साल पहले खोला गया है। इसकी राजसी भव्यता और ठाट-बाट देखते ही बनता है। इसका इंटीरियर डिज़ाइन गोल्ड मौजेक से सुसज्जित और  इसके बाहर एक विशाल छत काफी प्रभावी है। इस सूइट की खिड़कियों से पूरे शहर का आप दिलकश नज़ारा देख सकते हैं। खासकर, रात में इन खिड़कियों से शहर का विहंगम दृश्य देखने का अपना एक अलग ही मजा है। अल्पाइन पर्वत के प्राकृतिक सौन्दर्य के खूबसूरत नजारे को आप यहां से देख सकते हैं। यह स्थान सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। 

 रॉयल सूइट, फोर सिज़न्स जॉर्ज v, पेरिस, फ्रांस, 16,000 डॉलर
यह पेरिस के महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। इसका नाम पेरिस के महंगे होटलों में शुमार किया जाता है। यहां के रूम की रूमानियत और राजसी ठाट-बाट काफी हद तक अत्याधुनिक लाइफ स्टाइल को परिभाषित कर देता है। रॉयल सूइट ऑफ फोर सिजन्स, जॉर्ज ङ्क दो लग्जूरियस रूम से जुड़ा हुआ है। प्रत्येक रूम आधुनिक बाथरूम के साथ-साथ चीनी मिट्टी, लकड़ी और कागज़ के पुरावशेषों के सहयोग से बना एंटिक लुक देखते ही बनता है। यहां की राजसी जि़न्दगी का मजा लेने के लिए प्रत्येक कमरे पर आपको 16,000 रुपये देने होंगे।  
 

 इम्पीरियल सूइट, पार्क हयात  वेनडोम, पेरिस, फ्रांस, 15,500 डॉलर, वन नाइट
यह पेरिस के बेहतरीन और अच्छी सुविधाओं से लैस बेहतर होटलों में शुमार है। इस होटल के दूसरे फ्लोर पर डेवलपर्स ने इम्पीरियल सूइट का निर्माण करवाया था। यह सूइट 750 स्क्वेयर फीट के क्षेत्र में विस्तृत है। इस प्रसिद्ध सूइट में लीविंग रूम, कोजी स्प्रिंग बेड,स्पा रूम जैसी सुविधाएं प्रदान की गई है। यहां पर आपको विश्व स्तर की सभी अत्याधुनिक सुविधाएं आपको मिलेगी।

बृहस्पतिवार, 17 फरवरी 2011

न्यूसचवसंते किला,(Neuschwanstein Castle) जहां नाटकों के पात्र दीवारों पर बोल उठते हैं.......

मुकेश  कुमार झा
न्यूसचवसंते किला  जर्मन ऐतिहासिक स्वरूप का जीता-जागता उदाहरण प्रस्तुत करता है।  यह मध्यकालीन जर्मनी के रहन-सहन, सभ्यता और संस्कृति और कला के वैभवपूर्ण रूपों को दर्शाता है। खासकर, यहां के प्रसिद्ध ओपेरा हाउस लोवेनग्रिन का स्पष्ट छाप इसके स्वरूप पर दिखता है। ओपेरा हाउस के जीवंत स्वरूप  और इसके पात्र को यहां के वास्तुकला पर स्पष्ट प्रभाव है। मध्यकालीन जर्मनी के रोमांटिक कहानियों के पात्र को यहां के कक्षों के दीवारों पर स्थान मिला है। राजा लुडविग की सोच से यह किला प्रभावित है। यह स्थान प्राकृतिक सौन्दर्य के तत्वों से भरपूर,घाटियों की दुनिया को एक अनोखा अंदाज़ दे रहा है। 
यह जर्मनी का प्रसिद्ध किला है। यहां पर प्राकृतिक सौन्दर्य और विलक्षण वास्तुकला का अनोखा संगम दिखता है। किला जर्मनी के बवेरिया राज्य में स्थित है। यह स्थान बवेरिया के दक्षिण-पश्चिम के फुसेन(fussen)भाग के होहेंस्चवान्गाऊ (Hohenschwangau) गांव में है। इसका निर्माण कार्य 5 सितम्बर, 1869 को शुरू किया गया था। यह किलानुमा पैलेस पर लुडविग द्वितीय का अधिकार था। उन्होंने इसका निर्माण रिचर्ड वाग्नेर को श्रंद्धाजलि के याद के रूप में करवाया था। पैलेस को एकांतप्रिय राजा लुडविग का इरादा  व्यक्तिगत शरण के रूप में बनाने का था। लेकिन जब तब इसका पूरा निर्माण हो पाता, उससे पूर्व ही राजा की मृत्यु हो गई। लुडविग की मृत्यु के बाद उन्हें श्रद्धांजलि के लिए पैलेस को खोल दिया गया। तब से अब तक करीब 60 मिलियन से ज्यादा लोग इस अनोखे किलानुमा पैलेस को देखने आ चुके हैं। यह स्थान कितना प्रसिद्ध है, यह बात इससे सिद्ध हो जाती है कि यहां पर प्रत्येक साल करीब 1.3 मिलियन से भी ज्यादा लोग आते हैं। खासकर, गर्मी के मौसम में इसे देखने करीब 6 हज़ार लोग प्रतिदिन आते हैं। कई प्रसिद्ध फिल्मों में इस खूबसूरत पैलेस के दृश्य का फिल्माकंन हो चुका है। इसका निर्माण न्यू रोमन स्थापत्य शैली में किया गया है। इस किला के आर्किटेक्ट से प्रभावित होकर हॉलैंड के 
डिज़नीलैंड्स  स्लीपिंग ब्यूटि कैसल  (Disneyland’s Sleeping Beauty castle) का निर्माण किया गया। 
 स्थिति 
यह किला जर्मनी के वाबेरिया राज्य के दक्षिण-पश्चिम में स्थित द म्यूनिसिपिलीटी  ऑफ स्च्वान्गाऊ के इलाके में 800 मीटर के झुकाव में स्थित है।  इसके चारों ओर अल्पाइन पेड़ों के पहाडिय़ों से घिरा हुआ है। यह स्थान ऑस्ट्रिया के दक्षिणी सीमा से नज़दीक है। इसका पहाड़ी रूप उत्तर की ओर इस प्रकार से  है कि देखने में समतल मालूम होता है। यहां के गांव से मध्यकाल के समय तीन किले को गांव से आसानी से देखा जा सकता था। इन तीनों किले में से एक का नाम स्चवांसतें कैसल था।  1832 ई. में राजा लुडविग के पिता मैक्सिमिलीयन  द्वितीय ने यहां पर एक खंडहर खरीदा, जिसे बाद में  न्यू गौथिक शैली में रूपांतरित करके एक सुन्दर रूप दिया। न्यू गौथिक शैली में बना इस किले का नाम होहेंस्च्वान्गाऊ कैसल (Hohenschwangau Castle) नाम दिया गया। 
 वर्ष 1837 समाप्त होते-होते यह पैलेस उनके परिवार का समर रेसीडेंस बन गया। मैक्सिमिलीयन का बड़ा पुत्र लुडविग का इस स्थान पर बचपन बीता।  वॉरदरहोहेनसचवान्गाऊ कैसल (Vorderhohenschwangau Castle)और हिनतेरहोहेनसचवान्गाऊ कैसल (Hinterhohenschwangau Castle)  दो प्रमुख किले हैं।  यह किले को देखने में ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे वह ऊबर-खाबड़ पहाड़ी के बिहड़ में दो झीलों (अल्पसी और स्चवांसी)के आस-पास अनदेखी पहाड़ी पर खूबसूरत अंदाज़ में बैठ गया हो। यह दोनों किले एक खाई से अलग-अलग देखने में लगता है लेकिन यह संयुक्त रूप से एक हॉल जैसा बन गया है, जो यहां के टॉवर हाउस 
को सुदृढ़ता प्रदान करता है। 
निर्माण
इस किला की नींव 5 सितम्बर, 1869 ई. में रखा गया था। 1872 ई. में इसके तहखाना का निर्माण हो चुका था और 1876 में किले के प्रथम तल का निर्माण कार्य समाप्त किया गया। यहां पर सर्वप्रथम गेटहाउस का निर्माण हुआ। वर्ष 1873 के अंत तक आते-आते यहां पर  लुडविग के रहने के लिए पूरी तरह से व्यवस्था करने के लिए एक बेहतर कक्ष का निर्माण कार्य किया जा चुका था। क्योंकि लुडविग की ईच्छा थी कि आगे के निर्माण कार्य को उनके देखरेख में ही संपादित किया जाय। 1874 में निर्माण कार्य की जि़म्मेदारी एडवर्ड रीडेल से लेकर गेयोर्ग वॉन डॉल्लमंन को सौंप दी गई। यहां पर एक समारोह का आयोजन वर्ष 1880 में किया गया था। राजा चाहते थे कि वर्ष 1984 में नयी बिल्डिंग का निर्माण हो जाय। इस कार्य में शायद कुछ रूकावट आने के कारण राजा ने निर्माण कार्य की जिम्मेदारी गेयोर्ग वॉन डॉल्लमंन के हाथ से लेकर जूलियस हॉफ्मन को सौंप दी । इस किलानुमा पैलेस को पुरानी पद्धति के अनुरूप से बने ईंटों से खड़ा किया गया। बाद में इसकी मज़बूती को बेहतर बनाने के लिए कई प्रकार के चट्टïानों के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। उजला चूना पत्थर से इसके मुख्य भाग बनाए गए, जो कहीं पास के खदानों से लाया गया था। किले की खिड़कियों और दरवाजे के निर्माण में बालू पत्थर से बने ईंटों का इस्तेमाल किया गया। यह सैंड स्टोन ब्रिक्स  वर्टेमवर्ग (Wurttemberg) से लाया गया था । उंटेर्सबर्ग के सॉल्ज़बर्ग संगमरमर के पत्थर मंगवाए गए थे। इन खूबसूरम पत्थर से खिड़कियों के मेहराव, पसलियां और कॉलम बनाए गए थे। बाद में एक योजना के तहत सिंहासन कक्ष को स्टील फ्रेमवर्क के सहारे सुन्दर रूप प्रदान किया गया। बिल्डिंग मैटेरियल को स्टीम क्रेन के सहारे मचान बनाकर रखा जाता था, जिसे बाद में साइट के स्थानों पर ले जाया जाता था। इस किलेनुमा महल के निर्माण के लिए वर्ष 1880 में करीब 200 शिल्पकार लगाए गए थे। निर्माण कार्य में बिल्डिंग मैटेरियल भेजने वाले और अन्य सहयोगी लोगों की गिनती ही नहीं थी। जब राजा ने किले के निर्माण को डेडलाइन दे दिया, तो उसके बाद प्रत्येक दिन 300 करीब वकरर्स प्रत्येक दिन काम करते थे। इन वकरर्स को कभी-कभी रात में बड़ी ऑयल लैंप की रोशनी में भी काम करना पड़ता था। यदि इसे बनाने में बिल्डिंग मैटेरियल की बात करें तो वर्ष 1889 से लेकर 1880 तक 513 टन सॉल्ज़बर्ग संगमरमर, 1550 टन सैंड स्टोन, करीब 4 लाख ईंट, 2,680 क्यूबिक यार्ड लकड़ी का इस्तेमाल किया गया। 
 आर्किटेक्चर
इस किलनुमा महल का वास्तु काफी मनमोहक है। विलक्षण वास्तु और सौम्यता इसे काफी अलग रूप प्रदान करता है।  हालांकि  इसके बाहरी और आन्तरिक स्वरूप में काफी दिखावटी भी है। लेकिन यह दिखावापन भी सुन्दर वास्तुकला का उत्कृष्टï नमूना पेश करता है।  किला इस प्रकार के स्वरूप में जो दिख रहा है, उसके पीछे कारण यह था कि राजा ने अपनी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार उसका डिज़ाइन और साज-सज्जा बनवाया था। इसके आर्किटेक्ट का इतिहास को देखें तो स्पष्ट है कि राजा ने इसके निर्माण में कई ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं, जिससे साफ स्पष्टï है कि आर्किटेक्ट और इसके डिज़ाइन पर राजा की सोच का स्पष्ट प्रभाव था। इसके दीवारों के भित्ति चित्रण में लोवेनग्रिन शैली का भरपूर प्रयोग किया गया था। राजा की ईच्छा थी कि जहाज के स्वरूप को किनारे से दूर रखा जाय और उसके ऊपरी भाग में लोवेनग्रिन शैली के हिसाब से कम अलंकृत किया जाय । जहाज के ऊपरी भाग या आगे के भाग में अलंकृत सोने से बने हंस को जहाज की चेन से जोड़ा जाए न कि गुलाब रूपी आकार से। इसके अनुरूप ही इसका डिज़ाइन बना। और अंतत: किलानुमा पैलेस का आर्किटेक्ट पर मध्यकालीन युग के वास्तुशैली का स्पष्टï प्रभाव देखा गया। पैलेस के सिंहासन रूम के अंदर ही बेहतर साज-सज्जा से भरपूर सूइट रूम है। इसे लुडविग सूइट रूम की संज्ञा दी जाती है। इस रूम की भव्यता देखते ही बनती है। यहां पर गायकों के लिए सिंगर्स हॉल और एक गुफानुमा घर भी है। इसका पूरा डिज़ाइन प्रसिद्ध रचना स्वान नाइट की कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है। इसका डिज़ाइन प्रसिद्ध जर्मन ओपेरा लोवेनग्रिन नामक नाटक घर ( ओपेरा हाउस) पर आधारित है। इस जर्मन लैजेंड ओपेरा हाउस के रंग-रूप और स्वरूप के यादगार के पल को जीवंत रूप का दर्शन यहां के आर्किटेक्ट और डिज़ाइन में दिखता है। चूंकि होहेंस्चवान्गाऊ पैलेस में राजा लुडविग की जवानी का काफी समय बीता था, इसलिए इसके साज-सज्जा पर  वीर गाथा का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिलता है। 
खासकर, प्रसिद्ध रचनाकार रिचर्ड वाग्नेर का ओपेरा हाउस में चलने वाले नाटकों का थीम को मुख्य रूप से लिया गया है। लोवेनग्रीन एक प्रकार का रोमांटिक ओपेरा हाउस था, जहां पर रिचर्ड वाग्नेर की तीन प्रसिद्ध नाटक खेले जाते थे। इन नाटकों के रचनाकार रिचर्ड स्वयं थे। उन्होंने इन नाटकों में जो पात्र लिया था, वह सभी मध्यकालीन जर्मनी के रोमांस की कहानी से प्रेरित था। खासकर,  पारजि़वाल ऑफ वुल्फ्रेम वॉन एशेन्बक नामक रचना के पात्र भी इसी रोमांटिक कहानी से प्रभावित था। बाद में लोवेनग्रिन ओपेरा हाउस में चलने वाले नाटक के कई सीक्वल भी आए, जिसे विभिन्न लेखकों ने लिखा था। गेरिन ले लोहेरायण नामक काव्य का प्रभाव भी इन रचनाओं पर पड़ा था।  खासकर, प्रसिद्ध रचना नाइट ऑफ द स्वान के टे्रडीशनल रूप और पात्र की झांकी स्पष्टï रूप से दृष्टिïगोचर होता है। वाग्नेर की रचना और उसके नाट्यमंडली के स्वरूप का जबरदस्त प्रभाव को लुडविग ने आर्किटेक्ट के रूप में यहां ढाला था। लुडविग के निधन के कारण यहां पर मात्र 14 कक्षों का ही साज-सज्जा हो पाया, कई कक्ष सज्जाहिन ही रह गया । समय के साथ यह किलानुमा पैलेस अपने अंदर कई वक्तों के दौर को देखा और परखा है। समय के साथ इसके रूप और रंग में कई परिवर्तन होते चले गए। वर्तमान में यह किलानुमा पैलेस जर्मनी के अभूतपूर्व गौरव और राजा-महाराजाओं की रहन-सहन और सोच को दर्शाता है।

शनिवार, 22 जनवरी 2011

कमाल का अंडाकार घर



महंगाई के रंग का असर देशज ही नहीं विदेशज हो गया है। इसका प्रभाव ग्लोबल हो चुका है। खान-पान के साथ रहन-सहन पर इसका साफ प्रभाव देखा जा सकता है। महानगरों में खाने से ज्यादा रहने में खर्च हो जा रहा है, कुल मिलाकर, आमदनी अठ्ठनी, खर्चा रुपया वाली स्थिति लोगों की हो गई है। खासकर, स्टूडेंट्स को इस महंगाई से दो-चार होना आम बात है। बढ़ती महंगाई और घटते जॉब के ग्राफ ने काफी कुछ बदल कर रख दिया है। स्थिति ऐसी हो तो मानकर चलिए ज़िन्दगी  को रफ्तार में बने रहने के लिए कुछ खास तो सोचना ही पड़ता है। इसी सोच का असर अब चीन में भी दिखने लगा है। एक तो मंहगाई और ऊपर से जॉब की बेवफाई ने एक संघर्षरत चाइनीज स्टूडेंट को रहने के लिए एक अलग प्रकार के कॉन्सेप्ट का सहारा लेना पड़ गया। यह कॉन्सेप्ट कुछ ऐसा है कि आप एक बार देखें और सोचे तो कुछ देर के लिए आश्चर्यचकित हो सकते हैं।  
 हनोई यूनिवर्सिटी के 24 वर्षीय ग्रेजुएट स्टूडेंट दाईं हैफेई ने चलता-फिरता घर के रूप में एक नया कॉन्सेप्ट लाया है। यह घर अंडे के आकार के रूप में है। यह काफी हद तक घर के सामने वाले कॉटेज की तरह ही है। दाई की कंपनी बीजिंग के हैदियान डिस्ट्रिक्ट के चेंग्फू रोड के  पास बड़े प्रांगण में स्थित है। कंपनी की बड़ी बिल्डिंग के नीचे स्थित लोन पर बना यह चलता-फिरता घर बड़े अंडे के समान दिखाई देता है। 
2 मीटर ऊंचा इस घर का बाहरी भाग गनी बैग से बना हुआ है, जो देखने में खुरदरा लगता है। इस अनोखे घर का दरवाजा अंडाकार आकार का है। यह अंडाकार दरवाजा बिना लॉक का है। इस घर  में पहिये भी लगाए गए हैं, ताकि स्थान परिवर्तन करने में कोई दिक्कत न हो। 
घर के अंदर भाग बांस के टुकड़ों से बना है, जिसे कील के सहारे जोड़ा गया है। इस अनोखे घर में जहां बांस के टुकड़ों से बनी छत की बाहरी भाग बांस की चटाई की परत, थर्मल इन्शैलशन लेयर, रेन पू्रफ लेयर से लैश है और वहीं उसका बाहरी भाग दूसरे थर्मल इन्शैलशन लेयर, जो जूट से बने थैले से ढंका हुआ है। इस जूट के थैले यानि गनी बैग घास के बीज और जाइमाटिक लकड़ी के बुरादे से भरा हुआ है। यह घास के बीज बसंत ऋतु में जूट के थैले से निकल कर ग्रीन हाउस के कॉन्सेप्ट को असली रूप देता है।
यह अंडानुमा शरणस्थली का डेकोरेशन काफी साधारण है। इसमें  एक मीटर चौड़ा बेड के सिरहाने के पास किताबें रखने की सुविधा है। बेड के अंतिम छोड़ पर पानी की टंकी इस रूप में रखा गया है कि देखने पर लगता नहीं है कि यहां पर कोई पानी की टंकी भी है। यह वाटर टैंक में प्रेशर सिस्टम भी लगा हुआ है, जिसका इस्तेमाल चीज़ों को धोने के काम में किया जाता है। यह घर  को बनाने वाला दाई के पिता कंस्ट्रक्शन वर्कर हैं और मां ऑफिस क्लीनर। उसके माता-पिता काफी बुढ़े हो चुके हैं और अपने बेटे की शादी के लिए कड़ी परिश्रम भी कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा पैसा बचाकर एक अच्छे घर में दाई की शादी भी कर सकें।
 दाई की घर कह स्थिति ऐसी नहीं है कि वह रैंटल घर को अफोर्ड कर सके। इस घर में रहने के बाद दाई का कहना है कि अब हर महीने पैसे की बचत होने से हमारे जीवन स्तर में भी सुधार आया है। लेकिन इस कॉन्सेप्ट से बने घर की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। इसे स्थानीय मीडिया और लोगों ने खूब सराहा है। इस अनोखे घर को  देखने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। हालांकि, देखा जाय तो यह कॉन्सेप्ट काफी हद तक चीन की स्थिति को व्याख्या कर दे रही है। कुछ जानकारों का अनुमान है कि कहीं इस घर को हटा न दिया जाय। मामला चाहे जो भी लेकिन इस प्रकार का घर भविष्य में उन लोगों के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगी, जो महंगाई के इस जमाने में पढ़ाई के साथ महानगरों में एक बेहतर जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहते हैं।  
मुकेश कुमार झा 

मंगलवार, 21 दिसम्बर 2010

पावर ऑफ एटॉर्नी


संपत्ति के अधिकार को सत्यापित  करने के लिए पावर ऑफ एटॉर्नी की भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस अधिकार से व्यक्ति को न्यायिक  और व्यावसायिक रूप से संपत्ति का निर्णय लेने का हक मिल जाता है। 

पावर ऑफ एटॉर्नी का नाम आपने अक्सर सुना होगा, यह आपको स्वामित्व का अधिकार प्रदान करता है। इसे  सामान्य रूप से लेटर ऑफ एटॉर्नी भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का ऐसा  न्यायिकअधिकार पत्र है, जो किसी व्यक्ति के बदले में न्यायिक या व्यावसायिक निर्णय लेने के लिए अधिकृत करता है। जो व्यक्ति किसी दूसरे को इसके के माध्यम से अधिकृत करता है, उसे प्रिंसिपल या ग्रांटर कहा जाता है और जिसे अधिकृत किया गया है, उस व्यक्ति को एजेंट या एटॉर्नी कहा जाता है। इस पावर ऑफ एटॉर्नी के तहत अधिकृत व्यक्ति ग्रांटर की जगह पर स्वतंत्र निर्णय ले सकता है, इसलिए सैद्धान्तिक रूप में एजेंट या एटॉर्नी से किसी भी प्रकार की डीलिंग में ईमानदार व प्रतिबद्ध होने की अपेक्षा की जाती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जब कभी प्रिंसिपल की जगह काम करने या डीलिंग के एवज में एटॉर्नी को भुगतान किया जाता है, तो इसका  पेपर दोनों ही पक्षों के नाम से तैयार होता है, जो दोनों पार्टियों के बीच गुप्त रहता है। पावर ऑफ एटॉर्नी के मामले में समझौते का प्रपत्र कई लोगों को दिखाया जा सकता है।


इस प्रपत्र को किसी गुप्त डाक्यूमेंट के समान व्यवहार नहीं किया जाता। जैसे- किसी को अपनी एक प्रॉपर्टी बेचनी है। वह किसी कारणवश से प्रॉपर्टी में रुचि लेने वालों से सीधा संपर्क नहीं बना पा रहा है, तो ऐसी स्थिति में वह अपने किसी खास व्यक्ति को उस प्रॉपर्टी को बेचने का अधिकार पावर ऑफ एटॉर्नी के रूप में एक लिखित समझौते के तहत दे देता है। जैसा समझौता होता है, वैसी डीलिंग उनके बीच ईमानदारी से होती है। प्राईवेट पार्टियों, व्यवसायियों के अलावा अस्पताल, बैंक समेत कई संस्थानों के विभिन्न कार्यकलापों के लिए पावर ऑफ एटॉर्नी का प्रयोग होता है। लॉ के अनुसार प्रिंसिपल या ग्रांटर की अक्षमता या मृत्यु की स्थिति में यह अपने आप रद्द हो जाती है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि शारीरिक या मानसिक व्याधि से ग्रसित व्यक्ति के लिए, जिसमें यह साबित हो जाए कि व्यक्ति किसी को पावर ग्रांट करने की स्थिति में नहीं है, तो ऐसी स्थिति में पावर ऑफ एटॉर्नी नहीं की जा सकती। लेकिन अगर ग्रांटर ने यह लिखा हो कि उसकी अक्षमता की स्थिति में भी पावर ऑफ एटॉर्नी वैध रहेगी। ऐसी स्थिति में पावर ऑफ एटॉर्नी का नियम लागू होती है, हां, यदि  ग्रांटर की मृत्यु हो जाय तो यह पावर ऑफ एटॉर्नी का मामला रद्द हो ही जाती है। पॉवर ऑफ एटॉर्नी का मामला कई रूप में होते हैं जैसे- ड्यूरेबल पावर ऑफ एटॉर्नी, हेल्थकेयर पावर ऑफ एटॉर्नी, फाइनेंशियल एटॉर्नी। दुनिया के अलग-अलग देशों में इससे संबंधित कानून और इसके प्रकार अलग-अलग होते हैं।

जाने वसीयत की दुनिया को


वसीयत सबसे महत्वपूर्ण कानूनी कागज़ी दस्तावेज होता है। प्रॉपर्टी की दुनिया में इसका महत्व बहुत ज्यादा है। इसमें वसीयत करने वाला अपनी मौत के बाद जायदाद के बंटबारे के बारे में वर्णन किया होता है। इसमें पूरे चल और अचल संपत्ति के बारे में ब्यौरे लिखा होता है। संपत्ति के अधिकार को पुख्ता करने में इसका रोल महत्वपूर्ण होता है। वसियत केवल संपत्ति का अधिकार प्रदान ही प्रदान नहीं करता है, बल्कि वसियत से कई तरह के टैक्स के फायदे भी उठाये जा सकते हैं। वसीयत के जरिये संपत्ति को ट्रांसफर करने के बाद एक अल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की जा सकती है। यहां हम आपको वसीयत के बारे में कई महत्वपूर्ण बात बताने जा रहे हैं। 
वसीयत के बिना संपत्ति का अधिकार नहीं मिल पाता है। आपके दिमाग में एक प्रश्न बार-बार आता होगा कि मेरी प्रॉपर्टी को मेरे जाने के बाद क्या होगा। किसे इसे वाजिब हक के रूप में दिया जाय। इन सभी परेशानी को हल करने के लिए आप पहले जाने की वसीयत बनता कैसे है। 
स्टेप वन- आपका वसीयत एक सादे कागज पर साफ राइटिंग में लिखी या टाइप्ड होना चाहिए।
स्टेप टू-वसीयत बनाने के बाद आखिर में दो गवाहों के समक्ष  हस्ताक्षर करें। गवाह भी अपना पूरा नाम और पता लिखकर हस्ताक्षर करें। एक बात का ज़रूर ध्यान रखें कि गवाह की उम्र वसीयत करने वाले से कम होनी चाहिए। 
स्टेप थ्री- आप अपने वसीयत में लिखे कि मैं अपने होशोहवाश में, पूरी तरह से स्वस्थ मानसिक अवस्था में वसीयत कर रहा हूं। इसमें आप अपनी शैक्षणिक योग्यता का जिक्र ज़रूर करें। 
स्टेप फोर-आप अपने वसीयत यह ज़रूर लिखें कि इस तारीख से पहले ( तारीख और समय का जिक्र ज़रूर करे) में लिखा जाना चाहिए कि इस तारीख के पहले की कोई भी वसीयत मान्य नहीं है। वसीयत का एक इग्जेक्यूटर (मरने पर संपत्ति बांटने वाला) होना चाहिए। 
स्टेप फाइव-वसीयत के हर पृष्ठ पर संख्या डालकर हस्ताक्षर करें। अंत में पूरे पृष्ठ पेज संख्या लिखें। कहीं करेक्शन किया गया हो, तो वहां भी हस्ताक्षर ज़रूर करें। 
स्टेप सिक्स-वसीयत कहां रखी गई है, इस बारे में इग्जेक्यूटर और वसीयत का लाभ पाने वालों को पता होना चाहिए। एक ऑप्शन अपने वकील के पास वसीयत की कॉपी रखने का भी हो सकता है। 
इन बातों का भी रखें ख्याल
  •   -इसकी भाषा भाषा सीधी और सरल होनी चाहिए।
  • -वसीयत पूरा हो जाने के बाद यदि आपको कुछ और याद आने लगा हो तो उसे अलग से लिखकर वसीयत में जोड़ा जा सकता है। इसे पूरक कहते हैं। यदि एक ही चीज़ कई लोगों को देनी है, तो उसकी कीमत न लिख कर उसका प्रतिशत लिखें। 
  • - इस बात का भी गौर रखें कि यदि वसीयत लिखने में बहुत ज्यादा करेक्शन हो गए हों, तो इसकी नई कॉपी बनाना ही मुनासिब होगा। अगर वसीयत में किसी तरह के ट्रस्ट के बनाए जाने की बात हो, तो उस ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। 
  • - आप चाहें तो वसीयत की विडियोग्राफी भी करा सकते हैं। इसमें हर बात साफ-साफ बोलकर और डॉक्युमंट दिखाकर रिकॉर्डिंग की जानी चाहिए। 

 वसीयत और टैक्स कि दुनिया 
अगर आपने किसी व्यक्ति ने वसीयत नहीं की है तो मरने वाले के परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति का बंटवारा उत्तराधिकार अधिनियम के तहत ही होगा। मृतक की पत्नी या पति को खुद-ब-खुद संपत्ति नहीं मिलती बल्कि बच्चे और रिश्तेदार भी इसके हकदार होते हैं। इसमें वकील और अदालत की ज़रूरत आ पड़ती है। इंडियन सक्सेसन ऐक्ट 1925 की धारा 2 (।।) के अनुसार यह प्रावधान हिंदू, सिख, जैन, बौद्घ एवं ईसाइयों पर ही लागू होता है। मुसलमानों के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ है, जिसके अनुसार उनकी वसीयत बनती है। वसियत केवल संपत्ति का अधिकार प्रदान ही प्रदान नहीं करता है, बल्कि वसियत से कई तरह के टैक्स के फायदे भी उठाये जा सकते हैं। वसीयत के जरिये संपत्ति को ट्रांसफर करने के बाद एक अल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की जा सकती है। ऐसा करने के लिये संयुक्त परिवार इसी तरह, अवयस्क बच्चों या अवयस्क पोतों के लिए वसीयत की जा सकती है जिससे सेक्शन 64 (1) के प्रावधान के अधीन इनकम की क्लबिंग न हो। वसीयत के द्वारा एसेट्स को कोई भी व्यक्ति अपनी पत्नी या अपनी पुत्रवधु को बिना किसी तरह का लेन-देन किए ट्रांसफर कर सकता है तथा इस पर सेक्शन 64 (1) के प्रावधान की क्लबिंग भी नहीं लागू होगी।
जहां पर कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद टैरिटेबल ट्रस्ट का निर्माण करना चाहता हो या चैरिटी के उद्देश्य से जनहित में संपत्ति को ट्रांसफर करना चाहता हो तो वह ऐसा वसीयत के माध्यम से आसानी से कर सकता है। यहां पेश है वसीयत द्वारा टैक्स प्लानिंग के कुछ उदाहरण 
1. वसीयत द्वारा एचयूएफ तैयार कर टैक्स की बच
वसीयत के द्वारा टैक्स प्लानिंग का एक महत्वपूर्ण जरिया है एक हिन्दू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) का गठन। इनकम टैक्स एक्ट-1961 के सेक्शन 64 (2) के प्रावधानों के अधीन जहां एक हिन्दू परिवार का कोई सदस्य एक संयुक्त परिवार की संपत्ति के साथ खुद हासिल की गई को दिखाता है तो उससे हासिल होने वाली इनकम उसकी अन्य इनकम के साथ क्लब कर दी जाएगी। इस घाटे वाली स्थिति से हिन्दू कानून के मिताक्षरा स्कूल द्वारा शासित एक हिन्दू की सहदायिकी के पक्ष में संपत्ति के ट्रांसफर के द्वारा उबरा जा सकता है ताकि एक पृथक अविभाजित हिन्दू परिवार (एचयूएफ) अस्तित्व में आ जाए जो इनकम टैक्स कानून के तहत एक स्वतंत्र और पृथक टैक्सेबल इकाई होगी।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आप कोई संपत्ति अपने पुत्र, उसकी पत्नी तथा उसके बच्चों के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं। आप एक वसीयत बनाएं और संपत्ति अपने पुत्र के अविभाजित हिन्दू परिवार को ट्रांसफर कर दें और उसमें यह स्पष्ट रूप से लिख दें कि ट्रांसफर की गई संपत्ति केवक पुत्र के अविभाजित हिन्दू परिवार की होगी न कि किसी एकल सदस्य की। यह संपत्ति केवल तभी अविभाजित हिन्दू परिवार को वसीयत में मिलेगी और उसे एक पृथक टैक्स इकाई माना जाएगा। नई तैयार हुई एचयूएफ को इस समय लागू फाइनेंस एक्ट के अधीन किसी टैक्सपेयर को मिलने वाली पृथक छूट सीमा का लाभ मिलेगा।
2. वसीयत के द्वारा बच्चों या पोतों के लिए टैक्स प्लानिंग 
सेक्शन 64 (1) के प्रावधान के अधीन यदि कोई व्यक्ति अपने अवयस्क बच्चों, अवयस्क पोतों को किसी तरह का उपहार देता है तो अवयस्क बच्चों या अवयस्क पोतों (शारीरिक रूप से विकलांग बच्चों को छोड़कर) को उससे होने वाली आय को, जैसी भी स्थिति हो, दाता की आय में क्लब किया जाएगा। बहरहाल, ऐसा तब नहीं होगा जब कोई व्यक्ति अपने अवयस्क बच्चों या अवयस्क पोतों को यह उपहार वसीयत में देता है।
कारण स्वाभाविक है, वसीयत लिखने वाले की मृत्यु के बाद अवयस्क बच्चे को दी गई एसेट्स अवयस्क बच्चे के लिए अलग फंड के रूप में रहेगी और उससे होने वाली आय अवयस्क के वयस्क होने पर उसकी अपनी आय में क्लब नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय (सीआईटी बनाम श्री दोषी, (1995) 211 एआईआर 1 (एससी)) के आधार पर अवयस्क के लिए एक ट्रस्ट में पैसा रखने से अवयस्क की आय को क्लब किए जाने से बचाया जा सकता है। इससे वसीयत को टैक्स बचाने के लिए उनके नाम संपत्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है।
3. वसीयत द्वारा अपनी पत्नी को फंड्स ट्रांसफर द्वारा टैक्स प्लानिंग
सेक्शन 64 (1) के प्रावधानों के अधीन यदि कोई टैक्सपेयर अपने जीवनकाल में अपनी पत्नी को कोई उपहार देता है तो उसे देने वाले की आय में जोड़ा जाता है। बहरहाल, यदि वसीयत के द्वारा अपनी पत्नी को यह उपहार दिया जाए तो यहां इनकम की क्लबिंग का कोई प्रश्न नहीं उठता। इससे काफी टैक्स बचाया जा सकता है। इस माध्यम से एस्टेट डय़ूटी खत्म होने के साथ ही साथ वसीयत द्वारा संपत्ति के ट्रांसफर के अन्य तरीकों को अपनाना काफी फायदेमंद हो सकता है।
4. वसीयत द्वारा पुत्रवधु को संपत्ति ट्रांसफर द्वारा टैक्स प्लानिंग
इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 64 (1) (6) तथा (8) के प्रावधानों के अधीन पुत्रवधु के पक्ष में संपत्ति का ट्रांसफर सीधे या ट्रस्ट के ट्रस्टी के रूप में उसके लाभ के लिए किया जाता है तो ट्रांसफर की गई एसेट से होने वाली आय देने वाले की आय के साथ जोड़ी जाएगी। बहरहाल, इस मुश्किल को वसीयत द्वारा दूर किया जा सकता है। इससे पुत्रवधू के पक्ष में वसीयत की जा सकती है जिसमें उसे पूर्ण अधिकार दे दिया जाए और वसीयत करने वाले की मृत्यु के बाद एक टैक्सेबल इकाई हो जाएगी, यदि वह पहले से न हो। वसीयत करने वाले की मृत्यु के बाद मृतक व्यक्ति की संपत्ति के साथ वसीयत करने वाले इनकम के साथ पुत्रवधु की आय की कोई क्लबिंग नहीं की जाएगी।
वसीयत द्वारा एक विवेकाधीन ट्रस्ट भी बनाई जा सकती है जिस पर सामान्य दर पर टैक्स लगेगा। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 164 (1) के पहले प्रावधान के क्लॉज (2) में लिखा है कि यदि वसीयत द्वारा केवल एक ट्रस्ट घोषित की गई है तो उस ट्रस्ट की आय इनकम टैक्स के योग्य होगी जैसे एक वैयक्तिक की कुल आय होती है। यह सुनिश्चित करें कि वसीयत द्वारा केवल एक ही ऐसी ट्रस्ट बनाई जाए।

दाखिल-खारिज है बेहद ज़रूरी


प्रॉपर्टी खरीदने के समय म्यूटेशन या दाखिल-खारिज ज़रूरी है। दाखिल-खारिज शब्द से जैसा बोध होता है कि एक की संपत्ति को दूसरे व्यक्ति के नाम कानूनी रूप से संपत्ति का मालिकाना हक देना होता है। प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को सुदृढ़ करने में दाखिल-खारिज या म्यूटेशन की भूमिका काफी अहम होती है। इसकी सहायता से आप ज़मीन के असली हकदार बनते हैं। कानूनी तौर पर देखा जाय तो म्यूटेशन या दाखिल-खारिज से अपनी प्रॉपर्टी के रिवेन्यू रिकॉर्ड्स में प्रॉपर्टी के टाइटिल के मालिक का नाम बदलने से है। प्रॉपर्टी टैक्स को अदा करने में इस प्रक्रिया का अहम् योगदान भी होता है। इसलिए प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों को आप यदि ध्यान में रखते हैं, तो प्रॉपर्टी का भविष्य और वर्तमान दोनों ही दुरूस्त रहता है । आपको हम यहां बताने जा रहे हैं कि किस प्रकार से प्रॉपर्टी के म्यूटेशन या दाखिल-खारिज से आपकी प्रॉपर्टी की दुनिया संवर सकती है। 
स्टेप 1-
अगर आपको अपनी प्रॉपर्टी के टाइटिल को अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कराना हो तो आपके इसके लिए जिस इलाके की ज़मीन है, उस इलाके के तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देनी होगी। इसके बाद इसे एक सादे कागज़ पर  लिखकर नॉन जुडीशियल स्टाम्प्स के साथ तहसीलदार के पास जमा कराना होगा। प्रार्थना पत्र में दोनों पक्षों के नाम और प्रॉपर्टी की लोकेशन जैसी ज़रूरी बातें ज़रूर लिखी होनी चाहिए। 
स्टेप 2-
इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रॉपर्टी के बारे में विस्तृत जानकारी रखें। मसलन, प्रॉपर्टी किस तरह की है और किस इलाके में है?  प्रॉपर्टी का मालिकाना हक किस कानून के तहत बदला गया? इसमें दोनों पक्षों के नाम, पिता का नाम और पूरे पते भी दजऱ् करने होंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि आपको यह भी पता होना चाहिए कि प्रॉपर्टी का हक किस तारीख को बदला गया। इनके अलावा, उन तमाम कागजात की एक कॉपी भी देनी होगी, जिनके आधार पर म्यूटेशन के लिए प्रार्थना पत्र दी रही है। इस प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण कागज़ों में सेल डीड या वसीयत आदि भी आते हैं। आपको ट्रांसफर ड्यूटी के रूप में कुछ रकम भी चुकानी होगी। अगर कुछ हिस्से का म्यूटेशन कराना है, तो उतने की फीस चुकानी पड़ेगी, जबकि पूरी प्रॉपर्टी बेचने पर पिछला बकाया और पूरे हिस्से पर लागू फीस देनी होगी। 
स्टेप-3
प्रॉपर्टी की दाखिल-खारिज करने से जहां म्यूनिसिपल रिकॉर्ड्स बन जाते हैं, वहीं प्रॉपर्टी टैक्स आदि जमा करने में कोई दिक्कत नहीं होती है। गौरतलब है कि जब आप प्रार्थना पत्र देते हैं, तो उसके बाद सरकारी विभाग की तरफ से एक इश्तहार दिया जाता है। इस इश्तहार में पूछा जाता है कि इस नाम परिवर्तन को लेकर किसी को कोई आपत्ति तो नहीं है?। पूरी जांच के लिए कम से कम 15 दिन का समय दिया जाता है। 15 दिन के  बाद किसी आपत्ति पर ध्यान नहीं दिया जाता है। यह प्रक्रिया समाप्त होने पर पटवारी अपनी रिपोर्ट जमा कर देता है। रिपोर्ट से पहले दोनों पक्षों का बयान लेकर उसका मिलान कागजात में दर्ज तथ्यों से किया जाता है। इस प्रक्रिया में कोई रूकावट आती है या किसी व्यक्ति के द्वारा आपत्ति दर्ज की जाती है तो इस मामले को इलाके के रिवेन्यू असिस्टेंट ऑफिसर के पास सुनवाई के लिए भेज दिया जाता है। अगर कोई पक्ष रिवेन्यू असिस्टेंट ऑफिसर के फैसले से असंतुष्ट रहता है, तो वह आदेश जारी होने के 30 दिनों के अंदर एडिशनल कलेक्टर (डिप्टी कमिश्नर) के पास अपील कर सकता है। 
स्टे प-4
यहां सबसे महत्वपूर्ण बात आप यदि आप प्रॉपर्टी बेच रहे हैं या टाइटिल किसी और के नाम पर ट्रांसफर कर रहे हों तो यह सूचना नज़दीक के म्यूनिसिपल ऑफिस को ज़रूर दें। क्योंकि जब तक प्रॉपर्टी आपके पास रही थी, तब तक आपने प्रॉपर्टी के टैक्स भरते होंगे और बेचने के बाद दूसरा पक्ष को टैक्स अदा करनी होगी। यदि इस दौरान अगर प्रॉपर्टी टैक्स आदि में बढ़ोतरी होती है या कोई बकाया रह जाता है, तो इसकी देनदारी दूसरे पक्ष यानि प्रॉपर्टी लेने वाले व्यक्ति को अदा करनी होगी। यहां एक बात और बहुत ही महत्वपूर्ण है कि जैसे ही आप प्रॉपर्टी खरीदें तो अपनी तरफ से सुनिश्चियत कर लें कि जिस व्यक्ति से आप प्रॉपर्टी खरीद रहें है, वह पिछला सभी बकाया चुका दिया है या नहीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर प्रॉपर्टी टैक्स अदा करने वाले की मृत्यु हो जाती है, तो उसके बाद प्रॉपर्टी जिस व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर होती है, उसे मृत्यु के छह महीने के अंदर इसकी सूचना म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन को देनी होगी। तभी, म्यूटेशन या दाखिल-खारिज हो सकेगा। 
 स्टेप-5
यदि प्रॉपर्टी का कुछ हिस्सा बेचा गया हो, तो इस हिस्से का भी म्यूटेशन हो सकता है, बशर्ते उस हिस्से पर लागू सभी बकाया और निर्धारित फीस चुकाई जाए। इसी तरह, उत्तराधिकार के नियमों के तहत अगर कोई प्रॉपर्टी सभी कानूनी उत्तराधिकारियों के नाम ट्रांसफर होती है, तो इन सभी के नाम म्यूटेशन तभी होगा, जब उनके हिस्सों पर लागू सभी टैक्स चुका दिए जाएं। 

म्यूटेशन यानि  दाखिल-खारिज के महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स 
  • - सेल डीड की कॉपी 
  • - नॉन जुडीशियल स्टाम्प्स के साथ एप्लिकेशन 
  • - निर्धारित रकम के स्टाम्प पेपर पर इंडेम्निटी बॉन्ड 
  • - निर्धारित रकम के स्टाम्प पेपर पर एफिडेविट 
  • - प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें 
  • - असली मालिक का मृत्यु प्रमाणपत्र, वसीयत या उत्तराधिकार प्रमाणपत्र 
  • - रजिस्टर्ड पावर ऑफ अटर्नी की कॉपी, पेमेंट की रसीदें 
  • - अन्य कानूनी उत्तराधिकारियों की तरफ से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) 
  • - प्रॉपर्टी का नक्शा

बृहस्पतिवार, 16 दिसम्बर 2010

खास बिल्डिंग

 बिल्डिंग की दुनिया में कुछ ऐसी बातें भी होती है, जिसे जानकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे। इसकी निराली दुनिया में रंग-रूप अजीब है। कहीं पर उल्टी है, तो कहीं पर सीधी, है कहीं पर टेढ़ी-मेढ़ी। स्वरूप और संरचना के बारे में सिर्फ इतना कहा जा सकता है कि इसके बदलते स्वरूप में भौगोलिक, सांस्कृतिक प्रभाव ने भी कम रंग नहीं जमाया है। इस प्रकार के विचित्रता से भरपूर होने के कारण इस प्रकार की बिल्डिंग को प्रसिद्धी भी कम नहीं मिलती है। यहां पर हम इस प्रकार की कुछ महत्वपूर्ण बिल्डिंग के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जो जरा हटके है। यह बिल्डिंग ऐसी है कि काफी हद तक कंपनी या ग्रुप को परिभाषित कर देती है। 
टर्निंग टोरसो बिल्डिं
 एक परिचय  
  • स्थान- मालमो, स्वीडेन 
  • स्टेटस-कम्पलीट
  • शिलान्यास- 14 फरवरी, 2001
  • निर्माण कार्य-वर्ष 2001-2006 
  • उपयोग-रेसीडेंशल
  • छत की ऊंचाई- 190 मीटर
  • तकनीकी वर्णन
  • फ्लोर-54 
  • जुड़ी कंपनी 
  • आर्किटेक्ट्स- सैंटिगो कालाट्रावा
  • कांटैक्टर-एनसीसी
ऊपर दिये गये चित्र प्रसिद्ध बिल्डिंग एचएसबी टर्निंग टोरसो का है। यह बिल्डिंग मालमो स्वीडेन में स्थित है। यह स्थान स्वीडेन ऑरसंड के नाम से प्रसिद्ध है। वस्तुत: यह जलडमरूमध्य में है, जो डेनमार्क के जीआइलैंड और स्वीडेन के स्कैनिया प्रांत को अलग करता है। आइलैंड की चौड़ाई करीब 4 किमी. तक है, जो एल्निसनोरे,डेनमार्क, हेल्सिंग्बोर्ग और स्वीडेन का सबसे संर्कीण भाग है। इस भाग पर स्वीडेन और डेनमार्क के करीब 4 लाख लोगों की आबादी बसती है।  ऑरसुंड कात्तेगट और स्कार्गेरक और नॉर्थ सी के सहारे बाल्टिक सागर से जुड़ता है। यह स्थान विश्व का सबसे व्यस्तम जलमार्गो में से एक है। टर्निंग टोरसो बिल्डिंग का डिज़ाइन प्रसिद्ध वास्तुकार सैंटिगो कालावात्रा ने तैयार की । इसे 27 अगस्त, 2005 में ऑफिशियली रूप से खोल दिया गया। बिल्डिंग की ऊंचाई करीब 190 मीटर है और इसमें 54 फ्लोरर्स हैं। इसे बनाने के समय तक यह स्कैंडीविनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग थी।
 यूरोपिय यूनीयन के देशों में सबसे ऊंची रेसीडेंशल बिल्डिंग होने का गौरव इसे प्राप्त है। जब मास्को में 264 मीटर बिल्डिंग का निर्माण हो गया तो यह यूरोप में ऊंचाई के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गयी। इसी प्रकार की गगनचुम्बी बिल्डिंग दुबई और संयुक्त अरब अमीरात में भी बनायी जा रही है। इस प्रकार की बिल्डिंग को 90 डिग्री लम्ब के मोड़ जैसी विशेषता लिए होती है।  इसी  प्रकार का निर्माण दुबई के इंफिनिटी टॉवर में की जा रही है। इससे पूर्व इस सिटी की सबसे ऊंची बिल्डिंग क्रोप्रिन्सेन बिल्डिंग थी, जो 86 मीटर ऊंची थी। इसका डिज़ाइन शिल्पकृति पर आधारित है, जो ट्विस्टिंग टोरसो नामक संगमरमर से काफी प्रभावित था। वास्तुकार कालाट्रावा इस संगमरमर के रूप को मानव जीवन के बेहतर लाइफ स्टाइल को दर्शाता है।  इसके निर्माण के पीछे एक कहानी भी है। हुआ यूं कि इस स्थान पर वर्ष  2001 में यूरोपियन हाउसिंग एक्जीविशन Bo01    लगा था। वास्तुकार कालाट्रावा को एक्जीविशन को अस्थायी रूप से एक पवैलियन का डिज़ाइन तैयार करने को कहा गया था।  उसी समय एक्जीविशन के साइट पर एक गगनचुम्बी बिल्डिंग बनाने की बात चल रही थी। इस प्रस्ताव को लेकर जो बात चली, वहीं से बिल्डिंग के कॉन्सेप्ट की नींव पड़ी। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2001 में शुरू किया गया। निर्माण के समय एक महत्वपूर्ण बात यह थी कि जब तक यहां स्थित कोक्कुमस क्रेन को हटा नहीं दिया जाय तब तक इस गगनचुम्बी बिल्डिंग की चमक फिकी रहने की संभावना थी। यह क्रेन टर्निंग टोरसो के 1 किमी. से कम दूरी पर स्थित था। बाद में क्रेन को 2002 में हटा दिया गया। इस बात पर स्थानीय नेताओं का मानना था कि यह क्रेन माल्मो के प्रतीक के रूप में है। देखा भी जाय तो इस क्रेन का उपयोग जहाज निर्माण के लिए किया जाता रहा था और इस प्रकार का कार्य कुछ हद तक शहर के नीले कॉलर के जड़ों का प्रतीक था। बिल्डिंग का निर्माण 9 भागों में बांटकर किया गया था। बिल्डिंग की फाइव स्टोरी पेंटागन को ऊपर बढ़ाने के साथ मोड़ा भी गया। इसके सबसे ऊपर के भाग को दक्षिणावर्त   (क्लॉकवाइज) 90 डिग्री के अंश पर मोड़ा गया, जो उसके ग्राउंड फ्लोर के अनुरूप था।
 इसका प्रत्येक फ्लोर अनियमित रूप से पेंटागोनल  आकार में है, जो उसके लम्बत कोर के चारों ओर घुमता है।  इस कार्य में बिल्डिंग में लगी बाहरी स्टील फ्रेमवर्क सहायता करता है। बिल्डिंग के निचले भाग ऑफिस स्पेस पर मज़बूती से जुड़ा हुआ है। बिल्डिंग के 3 से लेकर 9 भागों के मध्य 147 लग्जूरियस अपार्टमेंट्स स्थित है। टर्निंग टोरसो प्राइवेट रेसीडेंशल बिल्डिंग है। इसके निर्माण को डिसकवरी चैनल ने एक्ट्रीम इंजीनियरिंग के प्रोग्राम में दिखाया गया है। इस प्रोग्रोम में बिल्डिंग के फ्लोरर्स के निर्माण को एक नये क्लेवर और फ्लैवर में दिखाया गया था।  इस प्रोग्रोम के बाद बिल्डिंग की लोकप्रियता में चार-चांद लग गया है। इस प्रसिद्ध बिल्डिंग से 18 अगस्त, 2006 में आस्ट्रेलिया के स्काईड्राइवर फेलिक्स बौम्गार्तनेर ने पैराशुट के सहारे जम्प भी किया था। यह बात दुनिया भर के मीडिया जगत में सुर्खियां बनी। 
आईएनजी हाउस   

आईएनजी ग्रुप के  मुख्यालय की बिल्डिंग का चित्र आप देख रहे हैं। कुछ हटकर बनी यह बिल्डिंग पहली ही नज़र में भा जाती है।  यह नीदरलैंड की राजधानी एमस्ट्रेडम के ज़ुईदास में स्थित है। जुईदास बिजनेस हब के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। बिल्डिंग का डिज़ाइन रोबेर्तो मेयेर ((Roberto Meyer)) और जेरोएं वन स्चूतें (Jeroen van Schooten) ने तैयार किया था।  नीदरलैंड के प्रिंस विलियम एलक्जेंडर ने 16 सितम्बर, 2002 में ओपन किया था। आईएनजी बिल्डिंग में 250 लोगों के बैठने की क्षमता से लैस एक ऑडोटोरियम, एक फॉइएर(उपकक्ष), शानदार रेस्टोरेंट, लाइब्रेरी और आर्ट कलेक्शन घर, 800 मीटर के क्षेत्र में फैला कॉन्फ्रेंस रूम, 160 पार्किंग प्लेस है। बिल्डिंग में बोर्ड मीटिंग रूम, वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ऑफिस और कई कॉरपोरेट डिपार्टमेंट्स भी हैं। बिल्डिंग का डिज़ाइन इस रूप में किया गया है कि आईएनजी लिखा हुआ इमेज परावर्तित होती रहती है। बिल्डिंग अभिनव, पारदर्शी, गतिशील और टिकाऊ है। कंपनी के ध्येय के अनुरूप ही पूरी बिल्डिंग की संरचना पारदर्शी है। इसमें लगी ग्लास की दीवार पूरे डिपार्टमेंट्स में बेहतर संचार की सुविधा उपलब्ध कराती है। बिल्डिंग की संरचना को एलुमिनियम और स्टील फ्रेम के सहारे सुव्यवस्थित रूप दिया गया है। इसमें लगे 16 स्टील के मज़बूत खम्भे उसे एक बड़ा टेबल का स्वरूप प्रदान करता है। जो दूर से देखने में टेबल में नीचे से लगे पांव के आकार का दिखता है। यह ज़मीन में बने मज़बूत कंक्रीट के ब्लॉक से जुड़ा हुआ है। 
जिस प्रकार की तकनीक ब्रिज बिल्डिंग के निर्माण में किया जाता है, ठीक उसी प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल इसे बनाने में किया गया है।  बिल्डिंग 28 मीटर चौड़ी और 138 मीटर लंबी है। इसके 10 वें फ्लोरर्स सबसे ऊंची है, ऊंचाई करीब 48 मीटर है। यह स्थान करीब 5,600 स्क्वेयर मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। बिल्डिंग के अंदर विभिन्न कलाकृति का अनोखा संग्रह है। 
ऑफिस के पूरे स्पेस के आधे भाग आरामदायक माहौल से युक्त है, जो यहां के इम्प्लाय को खुशनुमा माहौल प्रदान करता है। इसके अहाते में गार्डन का मनमोहक अंदाज़ किसी का भी मुड बदलने की क्षमता रखता है। यहां का गार्डन को बारिकी से सजाया गया है। इसके नयनाभिराम रूप को प्रसिद्ध आर्किटेक्ट माइकल वान  गेस्सेल ने तैयार किया है। उन्होंने प्रत्येक गार्डन को अलग-अलग थीम में तैयार करके बेजोड़ स्वरूप प्रदान किया है। यहां का गार्डन बिल्डिंग की थीम को परिभाषित कर देता है। बिल्डिंग की लॉबी को सुन्दर बांसों के पेड़ से सजाया गया है। इस लॉबी को बेड ऑफ मॉस और बेल्जियत चुना पत्थर से इस प्रकार से सुसज्जित किया गया है कि यह प्राकृतिक सौन्दर्य की अद्भुत मिसाल कायम करता है। बिल्डिंग के मुख्य द्वार से आने वाला रास्ता को चाइनीज़ ग्रेनाइट से खूबसूरत बनाया गया है। बिल्डिंग का शिलान्यास 16 नवम्बर, 1999 में किया गया था।  
 बैंकिंग की दुनिया में आईएनजी वैश्य बैंक एक जाना-माना नाम है। आईएनजी ग्रुप डेनमार्क की है, जो बैंकिंग, इन्श्योरेंस और एसेट मैनेजमेंट सर्विस की सुविधा ग्राहकों को उपलब्ध कराता है। आईएनजी  का पूरा नाम इंटरनेशनल नीदरलैंड्स ग्रुप है। वर्ष 2009 के आंकड़ों के हिसाब से ग्रुप का 40 देशों में करीब 85 मिलियन लोग प्राइवेट, कॉरपोरेट और इंस्टीट्यूशनल क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति क्लाइंट हैं। करीब 1 लाख से ऊपर लोग पूरे विश्व के देशों में आईएनजी ग्रुप में काम करते हैं। ग्रुप का कार्य क्षेत्र आस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, इटली, स्पेन, यूके और यूएसए में मुख्य रूप से है। 
मुकेश कुमार झा

शुक्रवार, 19 नवम्बर 2010

सिटी ऑफ ड्रिमिंग स्पायरर्स -ऑक्सफोर्ड सिटी



ऑक्सफोर्ड सिटी में वास्तुकला के सुव्यवस्थित और सौहर्दपूर्ण रूप को देखकर ही प्रसिद्ध कवि मैथ्यू अर्नोल्ड ने द सिटी ऑफ ड्रिमिंग स्पायरर्स नाम दिया। सिटी स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इंग्लिस स्पीकिंग वर्ल्ड  में सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी अपनी महत्ता और ऐतिहासिक स्थल के कारण द सिटी ऑफ ड्रिमिंग स्पायरर्स सिटी में ही नहीं पूरे विश्व में मशहूर है। 800 सालों से भी ज्यादा समय तक यह स्थान राजसी ठाट-बाट और विद्वजनों के लिये एक प्रसिद्ध स्थल रहा है। 9 वीं शताब्दी में इसे शहर के रूप में बसाया गया था। हालांकि यहां पर करीब एक हजार सालों से लोग रहते आए हैं। वर्तमान में यह सिटी कॉस्मोपॉलेटन सिटी के नाम से मशहूर हो चुका है। यहां पर विश्व के सभी स्थानों के लोग रहते हैं। वसुधैव कुटुम्बकम के कॉन्सेप्ट का जादू यहां चल पड़ा है।

शिक्षा जगत के लिए ऑक्सफोर्ड सिटी का स्थान काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा की नगरी के रूप में प्रसिद्ध यह सिटी एक प्रकार का काउंटी टाउन है। इस काउंटी टाउन को ऑक्फोर्डशायर के नाम से भी जाना जाता है। यह इंग्लैंड के दक्षिण-पूर्व में स्थित है।  ऑक्सफोर्ड सिटी में ही दुनिया के टॉप टेन में शुमार यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड स्थित है। सिटी की कुल जनसंख्या करीब 1,65,000 में से 1,51,000 की आबादी यूनिवर्सिटी कैंपस में बसती है। यहां की प्रसिद्ध चेरवेल और टेम्स नदी ऑक्सफोर्ड से बहती है और दोनों नदी दक्षिण के सिटी सेंटर में आकर मिलती है। ऑक्सफोर्ड सिटी चेरवेल और टेम्स नदी के किनारे बसी हुयी है। टेम्स नदी को द इसीस भी कहा जाता है। ऑक्सफोड सिटी प्रत्येक काल के वास्तुकला का उत्कृष्टï नमूना पेश करता है।  यहां पर सक्सोन्स काल, आइकोनिक काल और 18 वीं शताब्दी के मध्य काल के कई जीवंत आर्किटेक्ट का जीता-जागता उदाहरण देखने को मिल जाता है। खासकर, रैडक्लिफ कैमरा वास्तु का सुन्दर उदाहरण प्रस्तुत करता है।  इसे बोलचाल की भाषा में राड काम  ((Rad Cam) के नाम से भी पुकारा जाता है।  इस बिल्डिंग का डिज़ाइन जेम्स गिब्स ने तैयार किया था। इसका निर्माण कार्य 1737 ई. से शुरू किया गया और 1749 ई. में बनकर तैयार हो गया। इसे इंग्लिश पलादियन स्टाइल में बनाया गया है।  यह एक प्रकार का यूरोपियन स्टाइल आर्किटेक्ट है। यह architect इंग्लैंड में 17 वीं शताब्दी के मध्य और 18 वीं शताब्दी के शुरुआत में धूम मचा दी थी। पलादियन आर्किटेक्ट ग्रीक और रोमन वास्तु शैली से काफी प्रभावित है। रैडक्लिफ कैमरा ऑक्सफोर्ड स्क्वेयर में स्थित है। वर्तमान में यह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साइंस लाइब्रेरी के रूप में है।  ऑक्सफोर्ड को सिटी ऑफ ड्रिमिंग स्पायरर्स के नाम से जाना जाता है। ऑक्सफोर्ड के सौहर्दपूर्ण सुसंगत और मैत्रीपूर्ण यानि सौहर्दपूर्ण वास्तुकला को देखकर प्रसिद्ध कवि मैथ्यू अर्नोल्ड ने यह नाम दिया। सिटी स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इंग्लिस स्पीकिंग वल्र्ड में सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है। वस्तुत: यह प्राचीन यूनिवर्सिटी के रूप में ही है लेकिन यहां पर गौरवपूर्ण अतीत और वर्तमान का आधुनिकता का बेजोड़ संगम दिखाई देता है। यहां पर हाइटेक कम्यूनिटी के पर भी लगे हैं। यह दिन दुना और रात चौगुनी के रफ्तार में आधुनिक समय में कदमताल करते नज़र आते हैं। सिटी में कई महत्वपूर्ण व्यापारिक प्रतिष्ठïान हैं। प्रत्येक रेसीडेंशियल एरिया में कोई न कोई साइंस और बिज़नेस पार्क स्थित हैं, जो आधुनिकता को दर्शाता है। इसकी आधुनिकता और प्राचीनता स्वरूप का आनंद यहां पर आने वाले और रेसीडेंट दोनों ही उठाते हैं। यहां की ऐतिहासिक इमारत, महत्वपूर्ण कॉलेज और संग्रहालय बरबस ही किसी को अपनी ओर खिंचता है। यहां पर खान-पान, शॉपिंग की दुनिया निराली है। कैंपस में स्थित दुकाने, होटल और रेस्तरां काफी उम्दा किस्म का है, जहां पर आप इसके रंगीन -खुश मिजाज दुनिया का आनंद बाखूबी उठा सकते हैं। यहां पर रहने के लिये कई व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। आपको रहने के लिए कई प्रकार के होटल्स, गेस्टहाउस, अपार्टमेंट्स और शेल्फ केटरिंग की सुविधा आसानी से मिल जाती है। लेकिन आप कुछ ज्यादा की चाहत रखते हैं तो यहां से कम ही दूरी पर लंदन में सभी सुविधाएं मिल सकती है। यहां के कुछ प्रमुख होटल्स हैं-
Oxford Lettings, Short Let, Holiday Let, Sales,
 North Oxford, Rental
Chancellors Estate & Letting Agents
 107 London Road, Headington, Oxford, OX3 9HZ. Tel: 01865 763464
 property estate agents for sale houses flats buy let rent
Chancellors Estate & Letting Agents
 12a The Square, Westway Shopping Centre, Botley, 
Oxford, OX2 0JH. Tel: 01865 72444
जब आप ऑक्सफोर्ड में पहुंचते हैं तो सर्वप्रथम आपको टूरिस्ट इन्फोर्मेशन सेंटर में पहुंच कर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऑक्फोर्ड की दुनिया के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आपको टूरिस्ट इन्फोर्मेशन सेंटर पहुंचना कई मायने में फायदा पहुंचा सकता है। यहां पर उपस्थित स्टॉफ दोस्ताना माहौल में निम्न सुविधा के बारे में बताते हैं। 
1. यहां का मुख्य आकर्षण, थियेटर, म्यूजिक कन्सर्ट, मुख्य इवेंट और मनोरंजन 
2.ऑक्सफोर्ड में रहने और खाने की व्यवस्था के आरक्षण के बारे में
3. ऑक्फोर्ड में महत्वपूर्ण स्थानों के मैप, प्रिंटेट गाइड, पोस्टकार्ड और सूविनियर
4. ब्यूरो डे परिर्वतन की सुविधा
5. बस टूर और सैर-सपाटा के बारे में जानकारी 
ओपनिंग टाइम
गर्मी के मौसम में(10 1.30 9.३०   AM  -5 PM)
 गर्मी के    (सोमवार -शनिवार तक)
 (10    AM  -1.30 -3.30   PM) (   रविवार और छुट्टी के दिन)
  अवकाश दिन-  25 दिसम्बर से 1 जनवरी तक 
विस्तृत जानकारी के लिए दूरभाष नंबर-  01865252200

द यूनिवर्सिटी

ऑक्सफोर्ड विश्व के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी का होम प्लेस है। ज्यादातर कॉलेज और यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ ऑक्सफोर्ड में ही स्थित है, जो एक दूसरे से वॉकिंग डिसटेन्स पर है। हां, घुमने के दरम्यान बोडलियेन लाइब्रेरी देखना न भूलें। यहां के प्रसिद्ध रैडक्लिफ कैमरा के पास ही यह स्थित है। हालांकि इसमें आम लोगों का प्रवेश निषेध है लेकिन इसका अलंकारिक स्वरूप का बाहर से ही देखकर आप निहाल हो जाएंगे। इसके नज़दीक ही ब्रोड स्ट्रीट में शेल्डोनियन थियेटर है। यहां पर यूनिवर्सिटी के ऑफिशियल कार्यक्रम और कई प्रकार के संगीत समारोह के चलते हैं। यहां की दुनिया का आनंद लेने के लिए आपको  ब्यूमोंट स्ट्रीट में टिकट लेनी होगी। यूनिवर्सिर्टी में अशमोलियन म्यूजि़यम भी है, जो इंग्लैंड में सबसे प्राचीन म्यूजि़यम की श्रेणी में आता है। जानकारी के लिए बताते चलें कि ब्यूमोंट स्ट्रीट प्लेहाउस के ओपोजिट में स्थित है।   
ग्रीन स्पेस 
ऑक्सफोर्ड में जब यहां के ऐतिहासिक बिल्डिंग्स को देखकर मन भर जाय तो यहां पर कई पार्क और गार्डन हैं, जो आपके मुड को बदल कर रख देगा। प्राकृतिक तत्वों से भरपूर यह स्थल प्रकृति के काफी करीब ले जाने की क्षमता रखता है। हां, इस सैर-सपाटा में कॉलेज गार्डन को देखना मिस न करें। गार्डन की खूबसूरती और नयनाभिराम दृश्य का आंनद लेने का इंट्री फिस काफी कम रखा गया है। 
क्रिस्ट चर्च मिडो
क्रिस्ट चर्च मिडो यहां का प्रमुख दर्शनिय स्थल है। टेम्स नदी के किनारे पर स्थित सेंट एलडेट्स से आप यहां इंट्री करते हैं। चर्च के पास प्रसिद्ध बोट हाऊस भी है, जो टेम्स नदी के किनारे स्थित है। यहां का बोट रेसिंग देखने का एक अपना ही मजा है। खासकर, यूनिवर्सिटी के खुलने के दरम्यान यहां का माहौल उत्साह और रोमांच से भरपूर होता है।  मेरटों कॉलेज के साथ ही यहां का प्रसिद्ध बोटेनिक गार्डन भी है, जो प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर होने के साथ-साथ अमूल्य पेड़-पौधों का  संरक्षित स्थल भी है। यहां पर  आप जोगिंग का आंनद भी उठा सकते हैं। बोट हाउस के किनारे पर जहां आप जोगिंग का आनंद उठा सकते हैं, वहीं आप बोट रेसिंग को देखकर रोमांच और उत्साह से भर जाएंगे। इस रेसिंग का सवाब बसंत और गर्मी ऋतु में चरम पर होता है। ओपनिंग टाइम- प्रतिदिन, 8 बजे सबेरे से लेकर  संध्या काल तक।
  पोर्ट मिडो और वोलवरकोट कॉमन   (Port Meadow and Wolvercote Common)

यह भी प्रमुख दर्शनीय स्थल है। यहां पर आप नॉर्थ ऑक्सफोर्ड के जेरिचो नामक स्थान से निकलने वाली सड़क वॉलटन वेल रोड से जा सकते हैं। टेम्स नदी के किनारे बने  टो पाथ  ( नदी के किनारे बनी सड़के) से भी जा सकते हैं। यह एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां पर 17 वीं और 18 वीं शताब्दी में घुड़दौड़(हॉर्र्स रेसिंग)का आयोजन किया जाता था। यहां पर प्रमुख पालतू जीव-जन्तु के साथ घोड़ों का भी पालन किया जाता था। यह एक प्रकार का चरागाह स्थल था। यह सैर-सपाटा का अच्छा स्थान है। वोलवरकोट के गांव और  ट्राउट इन के आस-पास के नज़ारे आपको तरोताजा कर देता है। ट्राउट टाउन प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल है। यह गोडस्टो ब्रिज के पास स्थित है। टाउन टेम्स नदी के किनारे स्थित होने के कारण आपको यहां का वातावरण आंनद और उत्साह से भर देगा। यहां स्थित बिनसे लेन स्थित पर्च पब भी आपके स्वागत में है।  हां, जाड़े और बसंत के ऋतु में यहां बाढ़ भी आने की संभावना रहती है। इसलिए गर्मी का मौसम इस स्थान पर घुमने के लिए अनुकूल है। 
साउथ पार्क और हिडिंग्टन पार्क(  South park & Headington Hill Park )

 यह ऑक्सफोर्ड का सबसे बड़ा पार्क है, जो मैगडेलेन ब्रिज के पास स्थित है। इस स्थान को प्राय: संगीत समारोह और कई अन्य कार्यक्रम का मेजबानी करने का मौका मिलता रहता है। यहां का वातावरण संगीत की सुमधूर संगीत से गुंजयमान रहता है। यह ऑक्सफोर्ड का हृदय स्थली है।
यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड बोटेनिकल गार्डन

 यह प्रसिद्ध गार्डन मैग्डलेन कॉलेज के ओपोजीट  और टेम्स नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आप क्रिस्ट चर्च मिडो से भी जा सकते हैं। इस गार्डन की स्थापना अर्ल ऑफ डेनबाय हैनरी डैनवर्स ने वर्ष 1621 में की। यह इंग्लैंड का सबसे पुराना बोटेनिकल गार्डन है। यह एक प्रकार का कई किस्म के पेड़-पौधे को संग्रहालय है।  यहां पर दुलर्भ किस्म के पेड़-पौधे हैं। गार्डन में बॉग गार्डन और रॉक गार्डन भी बनाए गए हैं। बोटेनिकल गार्डन में उष्णकटिबन्धीय ग्रीन हाउस आकर्षण के केन्द्र में है। 
ओपनिंग टाइम- यह प्रत्येक दिन 9 बजे सुबह से लेकर 5 बजे तक खुला रहता है।  लेकिन जाड़े के समय यह गार्डन 4:30 तक ही खुला रहता है। ग्रीनहाउस प्रत्येक दिन 2 से 4 बजे की मध्य खुला रहता है।  यहां पर प्रति व्यक्ति इंट्री फीस 2 पाउंड है ( करीब 174 रुपये ) लगता है। 12 साल से नीचे बच्चों को एंट्री मुफ्त में है। 
वेलिंग्टन स्क्वेय

यह भी प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल है। वेलिंग्टन स्क्वेयर सेंटर ऑक्सफोर्ड में स्थित है। यह जॉन स्ट्रीट के दक्षिण में है। यहां पर स्थित छोटा पार्क और वेलिंग्टन स्क्वेयर दोनों ही यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड  के स्वामित्व में आता है। स्क्वेयर के उत्तर-पूर्व में स्थित यूनिवर्सिटी के सामने बाई साइकिल रूट है, जो छोटे क्लारेंडोन स्ट्रीट के पैदल यात्री मार्ग से होकर गुजरता है।  यूनिवर्सिटी के केन्द्रीय प्रशासन इकाई को इस स्ट्रीट के नाम से ही जाना जाता है।  वर्ष 1975 में क्लेरेंडोन बिल्डिंग एक नई बिल्डिंग का रूप ले लिया, जिसे स्क्वेयर की संज्ञा दी गयी। लेकिन क्लेरेंडोन स्ट्रीट के पास ही उस समय यूनिवर्सिटी के ग्रेजूएट स्टूडेंट के रहने की व्यवस्था कर दी गयी। स्क्वेयर में स्थित क्रद्ग2द्यद्ग4 ॥शह्वह्यद्ग में अध्ययन और अध्यापन की व्यवस्था लगातार जारी रही। इस हाउस का डिज़ाइन वर्ष 1872 में यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट ई. जी. बू्रटन ने तैयार की । ई.जी. ब्रूटन ने स्क्वेयर की रूप-रेखा भी तैयार की थी।  यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड का ब्रोडकास्टिंग सोसाइटी स्टूडियों स्क्वेयर में स्थित है। जहां से यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध कार्यक्रम प्रसारित किये जाते हैं। 
यूनिवर्सिटी पार्क 

यूनिवर्सिटी का पार्कनार्थ ऑक्सफोर्ड के  हरियाली से भरी रोड और विक्टोरियन रोड के मध्य स्थित है।  यह स्थान हरियाली के आगोश में सिमटा हुआ नज़र आता है। यहां पर आप गर्मी के मौसम में क्रिकेट मैच देखेन का आनंद भी उठा सकते हैं। टेम्स के किनारे स्थित  इस पार्क में वोल्फसन कॉलेज और नेचर रिजर्व जो ऑक्सफोर्ड के उत्तर-पूर्व में स्थित है, वहां पर आप फुटपाथ के सहारे आसानी से जा सकते हैं। 
ओपनिंग डे-प्रतिदिन  ( सुबह 8 बजे से लेकर शाम तक), सितम्बर में सेंट गिल्स के याद में मेले के आयोजन के समय सोमबार को बंद रहता है। 
 टूर ऑफ ऑक्सफोर्ड 
 यहां पर आप गाइड की सहायता ऑक्सफोर्ड के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर कर सकते हैं। यहां पर पहुंचने के लिए ओपन टोपड बस का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

 सेंट्रल  ऑक्सफोर्ड

 सेंट्रल  ऑक्सफोर्ड में ज्यादातर यूनिवर्सिटी कॉलेज हैं। इसके अलावा यहां पर क्रिस्ट चर्च,  ट्रिनिटी और बल्लिओल जैसे दर्शनीय स्थल भी हैं। ज्यादातर विजिटरर्स कारफैक्स में घुमने आते हैं । यह टाउन के सेंटर में स्थित है। इस स्थान पर ही विश्व का सबसे बड़ी स्ट्रीट में से एक स्ट्रीट  निकोलौस पेव्स्नेर स्थित है। सेंटर ऑक्सफोर्ड के उत्तर में स्थित र्कान मार्केट और पश्चिम में स्थित क्वीन स्ट्रीट मुख्य शॉपिंग सेंटर हैं। 
सेंट गिल्स
सेंट गिल्स यहां का प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। यह प्लेहाउस थियेटर और  रंडोल्फ होटल के काफी करीब है। यहां पर विश्व प्रसिद्ध संग्रहालय एशमोलियन भी है। इसके दक्षिण में शहीद स्मारक है। मात्र्यर्स मेमोरियल के पास ही आर्कविशप  कार्नमेर, प्रोटेस्टेंट विशप लातिमेर और रिडले को जि़दा जला दिया गया था। यह घटना रोमन कैथेलिक क्वीन मैरी के शासन काल की है। उस समय इंग्लैंड में ट्यूडर वंश का शासन था। 
शॉपिं
ऑक्सफोर्ड में शॉपिंग की दुनिया का अपना ही अंदाज़ हैं। यहां पर कई प्रसिद्ध दुकान और रेस्टोरेंट हैं। क्वीन स्ट्रीट के अंतिम छोर पर द वेस्टगेट के नामक एक शॉपिंग कॉम्प्लैक्स भी है।  क्वीन स्ट्रीट और र्कोन मार्केट के मध्य क्लेरेंडोन सेंटर भी प्रसिद्ध शॉपिंग प्लेस है। यहां का ग्लोउसस्टर ग्रीन ऑक्सफोर्ड का प्रसिद्ध शॉपिंग प्लेस में आता है, जहां पर आप दुनिया के नामी-गिरामी कंपनी के फ्रेश प्रोडक्ट खरीद सकते हैं। 
नार्थ ऑक्सफोर्ड

 नॉर्थ ऑक्सफोर्ड में आप प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ 19 वीं शताब्दी में बनी कई महत्वपूर्ण बिल्डिंग्स को आप देख सकते हैं। यहां की निर्माण की दुनिया में गौथिक शैली ने गज़ब का प्रभाव छोड़ा है। यूनिवर्सिर्टी से आप मात्र 10-20 मिनट में इस दर्शनीय स्थल पर आप पहुंच सकते हैं। 
समर टाउ
यहां का प्राकृतिक दुनिया निराली है। यहां पर बहुत सारे पार्क हैं। यह प्रसिद्ध शॉपिंग एरिया भी है। हालांकि यह अलग बात है कि यहां पर सड़के थोड़ी संकरी है लेकिन विक्टोरिया और एडवारडिन काल में बने हाउस निर्माण की दुनिया में चमक बिखेर रहा है। 

जेरिचो
 इस स्थान पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का प्रेस है। यह प्रेस हाउस के नाम से विख्यात है। यहां पर ऑक्सफोर्ड के  इम्प्लाय रहते हैं। यहां की बिल्डिंग और कॉटेज में स्थानीय कर्मचारी भी रहते हैं। जेरिचो में बेहतर फुड शॉप, पब्स और वॉल्टन स्ट्रीट में सिनेमा हॉल में लगे फिल्मों के देखने का आनंद लेट नाइट भी उठा सकते हैं। 
वॉल्टन मनोर 
यह ऑक्सफोर्ड के प्रमुख दर्शनीय स्थल है। वॉल्टन मनोर पोर्ट मिडो के पास स्थित है। यह 350 एकड़ में फैला हुआ है। टेम्स नदी के किनारे बसा हुआ यह स्थल प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है। यहां पर आपको आधुनिकता का झलक जहां ऑक्सफोर्ड वाटरसाइड की बिल्डिंग निर्माण में दिखेगी, वहीं कई पालतू जानवरों जैसे घोड़े के चरने का नज़ारा भी दिख जाएगा।
मुकेश कुमार झा